CE20 क्रायोजेनिक इंजन का समुद्र-स्तरीय हॉट परीक्षण
- 13 Mar 2026
12 मार्च, 2026 को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने तमिलनाडु के महेंद्रगिरि स्थित ISRO प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स में CE20 क्रायोजेनिक इंजन का 22 टन थ्रस्ट पर सफल समुद्र-स्तरीय हॉट परीक्षण किया।
मुख्य बिंदु
- CE20 क्रायोजेनिक इंजन: यह इंजन लॉन्च व्हीकल मार्क-3 (LVM3) के ऊपरी क्रायोजेनिक चरण को शक्ति प्रदान करता है, जो भारत का भारी प्रक्षेपण यान है।
- उच्च थ्रस्ट परीक्षण: पहले समुद्र-स्तर पर परीक्षण 19 टन थ्रस्ट पर किए गए थे, जबकि इस परीक्षण में 22 टन थ्रस्ट पर इंजन की क्षमता प्रमाणित हुई।
- परीक्षण का उद्देश्य: यह परीक्षण भविष्य के LVM3 मिशनों के लिए किया गया, जिनमें उन्नत C32 चरण का उपयोग होगा।
- परीक्षण अवधि: इंजन को नोज़ल प्रोटेक्शन सिस्टम (NPS) के साथ 165 सेकंड तक संचालित किया गया।
- परीक्षण परिणाम: ISRO के अनुसार परीक्षण के दौरान इंजन का प्रदर्शन तथा परीक्षण सुविधा अपेक्षा के अनुरूप रही।
- समुद्र-स्तर परीक्षण की चुनौती: उच्च एरिया रेशियो नोज़ल वाले क्रायोजेनिक इंजनों के लिए समुद्र-स्तर पर परीक्षण कठिन होता है, क्योंकि निकास दाब लगभग 50 मिलिबार रहता है।
- प्रवाह पृथक्करण: समुद्र-स्तर पर नोज़ल के भीतर प्रवाह पृथक्करण से कंपन और तापीय तनाव उत्पन्न हो सकता है, जिससे इंजन को क्षति पहुँच सकती है।
- तकनीकी प्रदर्शन: इस इंजन पर अब तक 20 सफल हॉट परीक्षण किए जा चुके हैं, जिनसे कई महत्वपूर्ण तकनीकों का सत्यापन हुआ।
- मल्टी-एलिमेंट इग्नाइटर: इंजन में मल्टी-एलिमेंट इग्नाइटर के माध्यम से प्रज्वलन प्रदर्शित किया गया, जिससे इंजन स्टार्ट की विश्वसनीयता बढ़ती है।
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