राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क (द्वितीय संशोधन) नियम, 2026
- 19 Mar 2026
17 मार्च, 2026 को राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क (दरों का निर्धारण और संग्रह) (द्वितीय संशोधन) नियम, 2026 प्रभावी हुए। इन संशोधनों का उद्देश्य टोल अनुपालन को सुदृढ़ करना तथा राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल संग्रह के कुशल डिजिटल प्रवर्तन को सक्षम बनाना है।
मुख्य बिंदु
- उद्देश्य: टोल अनुपालन को मजबूत करना, परिचालन में पारदर्शिता बढ़ाना तथा राजमार्ग अवसंरचना में निवेशकों के विश्वास को सुदृढ़ करना।
- संरचित वसूली तंत्र: राष्ट्रीय राजमार्गों पर अवैतनिक उपयोगकर्ता शुल्क की वसूली हेतु एक औपचारिक एवं व्यवस्थित प्रणाली की शुरुआत की गई है।
- ई-नोटिस प्रणाली: वाहन स्वामियों को प्रौद्योगिकी आधारित इलेक्ट्रॉनिक नोटिस जारी किए जाएंगे।
- इनमें वाहन का विवरण, तिथि, स्थान तथा देय राशि की जानकारी शामिल होगी।
- नोटिस एसएमएस, ईमेल, मोबाइल ऐप तथा ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भेजे जाएंगे।
- डिजिटल एकीकरण: राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह (फास्टैग प्रणाली) को VAHAN डेटाबेस के साथ एकीकृत किया गया है, जिससे वाहन पहचान एवं प्रवर्तन प्रक्रिया अधिक सुचारु हो सके।
- शिकायत निवारण तंत्र: वाहन स्वामी/चालक ई-नोटिस प्राप्त होने के 72 घंटों के भीतर निर्धारित पोर्टल के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
- पारदर्शिता एवं दक्षता: यह प्रणाली न्यूनतम मानवीय हस्तक्षेप के साथ टोल संग्रह को अधिक पारदर्शी, दक्ष एवं रियल-टाइम बनाती है।
- बाधा-रहित टोलिंग की दिशा में कदम: यह पहल भारत में आधुनिक, डिजिटल एवं निर्बाध टोलिंग पारिस्थितिक तंत्र की ओर संक्रमण को सुदृढ़ करती है।
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