हॉर्मुज संकट: नेटो ने अमेरिकी घेराबंदी प्रस्ताव ठुकराया
- 14 Apr 2026
13 अप्रैल, 2026 को नेटो सहयोगी देशों ने होर्मुज जलडमरूमध्य की घेराबंदी करने की अमेरिकी योजना में भाग लेने से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया। इसके बजाय, उन्होंने कूटनीतिक समाधानों और संघर्ष के समाप्त होने के बाद ही हस्तक्षेप करने को प्राथमिकता दी है।
मुख्य बिंदु
- अमेरिकी प्रस्ताव: ईरानी बंदरगाहों से होने वाले समुद्री यातायात को पूरी तरह से अवरुद्ध करने की योजना।
- नेटो का रुख: इस घेराबंदी का समर्थन करने से दृढ़ता से इनकार किया; वे केवल शत्रुता समाप्त होने के बाद ही हस्तक्षेप करेंगे।
- प्रमुख देशों का दृष्टिकोण: ब्रिटेन ने इसमें किसी भी तरह की संलिप्तता से साफ इनकार कर दिया है, जबकि फ्रांस ने संघर्ष के बाद एक ‘रक्षात्मक मिशन’ का प्रस्ताव रखा है।
- वैकल्पिक योजना: सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित करने के लिए एक बहुराष्ट्रीय मिशन का विचार, जिसमें लगभग 30 देशों के भाग लेने की संभावना है।
- रणनीतिक महत्व: यह जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20% हिस्सा संभालता है। यहाँ होने वाले किसी भी व्यवधान का सीधा और गहरा असर वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर पड़ता है।
- गठबंधन में तनाव: इस मुद्दे ने अमेरिका और नेटो सहयोगियों के बीच तनाव बढ़ा दिया है, जो सैन्य भागीदारी और रणनीति को लेकर उनके गहरे मतभेदों को उजागर करता है।
- समग्र महत्व: यह स्थिति संघर्ष से निपटने के दृष्टिकोण पर नेटो के भीतर के वैचारिक मतभेदों को दर्शाती है और तनाव बढ़ाने के बजाय कूटनीति को प्राथमिकता देने पर जोर देती है। यह ऊर्जा सुरक्षा को लेकर वैश्विक चिंताओं का भी प्रतिबिंब है।
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