'ट्रॉल सिस्टम' के लिए ₹975 करोड़ का समझौता
- 22 Apr 2026
21 अप्रैल, 2026 को रक्षा मंत्रालय ने माइनफील्ड अवरोध भेदन क्षमता (Minefield Breaching Capability) को सुदृढ़ करने के लिए T-72 और T-90 टैंकों हेतु ‘ट्रॉल असेंबली’ (TRAWL Assemblies) की खरीद के लिए ₹975 करोड़ के अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए।
मुख्य बिंदु
- समझौते का विवरण: यह अनुबंध भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) और इलेक्ट्रो न्यूमेटिक्स एंड हाइड्रोलिक्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के साथ किया गया है।
- ट्रॉल सिस्टम: रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित यह तकनीक बारूदी सुरंगों वाले इलाकों में वाहनों हेतु सुरक्षित मार्ग (Vehicle Safe Lanes) बनाने में मदद करती है और मैग्नेटिक फ्यूज़ वाली एंटी-टैंक माइन्स के खिलाफ बेहद कारगर है।
- रणनीतिक एवं आर्थिक प्रभाव: यह समझौता “स्वदेशी रूप से डिज़ाइन, विकसित और निर्मित (IDDM)” श्रेणी के तहत आता है। इससे आयात पर निर्भरता घटेगी, MSME क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा, रोज़गार के नए अवसर पैदा होंगे और भारतीय थल सेना की युद्ध क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि होगी। यह रक्षा क्षेत्र में “आत्मनिर्भर भारत” की दिशा में एक बड़ा कदम है।
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