प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (PMIS) की पात्रता का विस्तार
- 23 Apr 2026
22 अप्रैल, 2026 को कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (MCA) ने प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (PMIS) के पायलट चरण के पात्रता मानदंडों का विस्तार करते हुए अंतिम वर्ष के स्नातक (UG) और स्नातकोत्तर (PG) छात्रों को भी इसमें शामिल किया।
मुख्य बिंदु
- पात्रता विस्तार:
- अब अंतिम वर्ष के UG और PG छात्र इसके पात्र हैं।
- आयु सीमा: 18–25 वर्ष।
- आवेदन संबंधी आवश्यकताएं:
- अभ्यर्थियों को PMIS के मौजूदा मानदंडों को पूरा करना होगा।
- संस्थान से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) अनिवार्य है।
- NOC में यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि इंटर्नशिप से शैक्षणिक गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
- उद्देश्य:
- रोजगारयोग्यता और कार्य-तत्परता को सुदृढ़ करना।
- स्नातक होने से पूर्व उद्योग का प्रारंभिक अनुभव उपलब्ध कराना।
- छात्रों को लाभ:
- संप्रेषण, टीमवर्क और समस्या-समाधान जैसे कौशलों का विकास।
- अकादमिक अध्ययन और उद्योग क्षेत्र की आवश्यकताओं के बीच अंतर को पाटना।
- PMIS के बारे में:
- भारत सरकार की एक प्रमुख इंटर्नशिप पहल।
- अग्रणी कंपनियों में संरचित एवं भुगतानयुक्त इंटर्नशिप प्रदान करती है।
- न्यूनतम वजीफा: ₹9,000 प्रति माह।
- उद्योग क्षेत्र की भागीदारी:
- पायलट चरण में 300 से अधिक कंपनियां शामिल।
- विभिन्न क्षेत्रों और भूमिकाओं में अवसर उपलब्ध।
- आवेदन प्रक्रिया:
- आधिकारिक PMIS पोर्टल के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है।
- वर्तमान में पायलट चरण का तीसरा दौर प्रगति पर है।
सामयिक खबरें
सामयिक खबरें
सामयिक खबरें
राष्ट्रीय
- राजनीति और प्रशासन
- अवसंरचना
- आंतरिक सुरक्षा
- आदिवासियों से संबंधित मुद्दे
- कमजोर वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएँ
- कार्यकारी और न्यायपालिका
- कार्यक्रम और योजनाएँ
- कृषि
- गरीबी और भूख
- जैवविविधता संरक्षण
- पर्यावरण
- पर्यावरण प्रदूषण, गिरावट और जलवायु परिवर्तन
- पारदर्शिता और जवाबदेही
- बैंकिंग व वित्त
- भारत को प्रभावित करने वाले द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह
- भारतीय अर्थव्यवस्था
- रक्षा और सुरक्षा
- राजव्यवस्था और शासन
- राजव्यवस्था और शासन
- रैंकिंग, रिपोर्ट, सर्वेक्षण और सूचकांक
- विज्ञान और प्रौद्योगिकी
- शिक्षा
- सरकार की नीतियां और हस्तक्षेप
- सांविधिक, विनियामक और अर्ध-न्यायिक निकाय
- स्वास्थ्य से संबंधित मुद्दे


