भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल का शुभारंभ
- 13 May 2026
12 मई, 2026 को वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग ने बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिमों के बीच भारत की समुद्री बीमा सुरक्षा को सुदृढ़ करने हेतु 1.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर क्षमता वाले ‘भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल’ [Bharat Maritime Insurance Pool (BMIP)] का शुभारंभ किया।
मुख्य बिंदु
- BMIP का शुभारंभ: ‘भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल’ की शुरुआत भारतीय हितों से जुड़े समुद्री परिचालनों के लिए निर्बाध समुद्री बीमा कवरेज उपलब्ध कराने हेतु की गई।
- बीमा क्षमता: इस पूल की कुल बीमा क्षमता 1.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर निर्धारित की गई है।
- सॉवरेन गारंटी: इस तंत्र को समर्थन देने हेतु सरकार ने 1.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग ₹12,980 करोड़) की सॉवरेन गारंटी प्रदान की है।
- पहल की आवश्यकता: यह पहल विशेष रूप से पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनावों के कारण समुद्री बीमा क्षेत्र में उत्पन्न व्यवधानों से निपटने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
- कवरेज का दायरा: BMIP के अंतर्गत जहाज ढांचा एवं मशीनरी (Hull & Machinery), कार्गो, प्रोटेक्शन एंड इंडेम्निटी (P&I) तथा युद्ध-संबंधी समुद्री जोखिमों को कवर किया जाएगा।
- लाभार्थी पोत: यह बीमा सुविधा भारतीय ध्वज वाले तथा भारत से जुड़े जहाजों पर लागू होगी।
- विदेशी निर्भरता में कमी: इस पहल का उद्देश्य विदेशी पुनर्बीमाकर्ताओं (Reinsurers) पर निर्भरता कम करना तथा समुद्री जोखिम प्रबंधन में भारत की आत्मनिर्भरता को बढ़ाना है।
- पूल प्रशासक: जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया [General Insurance Corporation of India (GIC Re)] इस पूल के प्रशासक के रूप में कार्य करेगा।
- जोखिम प्रबंधन तंत्र: 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक के दावों का निपटान पूल क्षमता से किया जाएगा, जबकि इससे बड़े दावों को भंडार एवं पुनर्बीमा समाप्त होने के बाद सॉवरेन गारंटी के माध्यम से समर्थन दिया जाएगा।
- रणनीतिक महत्त्व: इस पहल से भारत की समुद्री व्यापार सुरक्षा, शिपिंग निरंतरता तथा वैश्विक लॉजिस्टिक्स में वित्तीय संप्रभुता को सुदृढ़ करने की अपेक्षा है।
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