ट्राई ने डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग फ्रेमवर्क में संशोधन किया
- 15 May 2026
13 मई, 2026 को भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने “डिजिटल कनेक्टिविटी के लिए संपत्तियों की रेटिंग (संशोधन) विनियम, 2026” [Rating of Properties for Digital Connectivity (Amendment) Regulations, 2026] जारी किया।
मुख्य बिंदु
- संशोधित विनियमों के तहत अतिरिक्त हाफ-स्टार रेटिंग स्तर पेश किये गए हैं, जिससे पूर्व की 5-स्तरीय रेटिंग संरचना को विस्तारित कर 9-स्तरीय रेटिंग फ्रेमवर्क में परिवर्तित किया गया है।
- ट्राई के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य संपत्तियों के बीच बेहतर अंतर स्पष्ट करना तथा डिजिटल कनेक्टिविटी अवसंरचना एवं सेवा गुणवत्ता का अधिक सटीक आकलन सुनिश्चित करना है।
- संशोधित फ्रेमवर्क के अंतर्गत निर्माणाधीन आवासीय एवं वाणिज्यिक संपत्तियों को चरणबद्ध डिजिटल कनेक्टिविटी मूल्यांकन हेतु आवेदन करने की अनुमति दी गई है।
- नई व्यवस्था के तहत डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग एजेंसियां योजना चरण में “डिजाइन्ड फॉर” प्रमाण-पत्र तथा अवसंरचना तैनाती पूर्ण होने के बाद “इंस्टॉलेशन कम्प्लीटेड फॉर” प्रमाण-पत्र जारी करेंगी।
- संपत्ति में दूरसंचार सेवाएं प्रारंभ होने के बाद अंतिम डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग प्रदान की जाएगी।
- नियामक ने मौजूदा संपत्तियों के लिए एक वैकल्पिक डिजिटल कनेक्टिविटी ऑडिट तंत्र भी शुरू किया है, जिससे औपचारिक रेटिंग प्रदान किए जाने से पूर्व अवसंरचनात्मक कमियों की पहचान की जा सकेगी।
- संशोधनों के माध्यम से डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग एजेंसियों के आचार-संहिता प्रावधानों को भी अधिक सुदृढ़ बनाया गया है, ताकि मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं स्वतंत्रता सुनिश्चित की जा सके।
- भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) की स्थापना भारत सरकार द्वारा दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण अधिनियम, 1997 की धारा 3 के अंतर्गत की गई थी।
- यह भारत के दूरसंचार क्षेत्र का प्रमुख नियामक निकाय है।
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