डिजिटल भुगतान में UPI की हिस्सेदारी 85.5% पहुँची
- 20 May 2026
19 मई, 2026 को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी नवीनतम अर्धवार्षिक ‘पेमेंट सिस्टम्स रिपोर्ट’ में बताया कि वर्ष 2025 की दूसरी छमाही में भारत के कुल डिजिटल भुगतान लेन-देन की मात्रा में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) की हिस्सेदारी 85.5% रही, जो खुदरा डिजिटल भुगतान क्षेत्र में इसकी प्रमुखता को दर्शाती है।
मुख्य बिंदु
- अन्य भुगतान प्रणालियां: नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (NEFT) एवं प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स (PPI) की हिस्सेदारी लेन-देन की मात्रा में 3.6%–3.6% रही, जबकि रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS) की हिस्सेदारी 0.1% रही।
- लेन-देन मूल्य में हिस्सेदारी: उच्च-मूल्य निपटानों के कारण RTGS ने कुल लेन-देन मूल्य में 68.6% हिस्सेदारी के साथ अपना वर्चस्व बनाए रखा।
- UPI का मूल्य योगदान: लेन-देन की मात्रा में अग्रणी होने के बावजूद कुल लेन-देन मूल्य में UPI की हिस्सेदारी 9.5% रही।
- वृद्धि प्रवृत्ति: वर्ष 2016 से 2025 के बीच भारत में डिजिटल भुगतान लेन-देन की मात्रा में 33 गुना वृद्धि दर्ज की गई।
- हालिया विस्तार: वर्ष 2021 से 2025 के बीच डिजिटल भुगतान लेन-देन की संख्या 6,437 करोड़ से बढ़कर 26,819 करोड़ तक पहुँच गई।
- मुख्य कारक: RBI के अनुसार, स्मार्टफोन की बढ़ती पहुंच, सार्वजनिक डिजिटल अवसंरचना तथा नकदरहित भुगतान प्रणाली के प्रति बढ़ते विश्वास ने इस वृद्धि को गति प्रदान की है।
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