भारत ने E30 एथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल के मानक अधिसूचित किए
- 20 May 2026
18 मई, 2026 को भारत ने एथेनॉल सम्मिश्रण कार्यक्रम का विस्तार करने एवं कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के अंतर्गत E22, E25, E27 तथा E30 एथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल के लिए ईंधन मानकों को अधिसूचित किया।
मुख्य बिंदु
- नए ईंधन मानक: भारतीय मानक ब्यूरो ने उच्च एथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल हेतु IS 19850:2026 मानक जारी किया, जिसमें E22, E25, E27 एवं E30 श्रेणियां शामिल हैं।
- E30 का अर्थ: E30 ईंधन में 30% एथेनॉल को पेट्रोल के साथ मिश्रित किया जाता है।
- नीतिगत उद्देश्य: यह कदम देशव्यापी E20 लक्ष्य के आगे एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम के अगले चरण को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
- ऊर्जा सुरक्षा: अधिक एथेनॉल मिश्रण से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति व्यवधानों के बीच आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता घटाने में सहायता मिलेगी।
- पर्यावरणीय लाभ: एथेनॉल के बढ़ते उपयोग से वाहनों से होने वाले उत्सर्जन में कमी आएगी तथा स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा मिलेगा।
- कृषि क्षेत्र को समर्थन: एथेनॉल कार्यक्रम से गन्ना एवं मक्का जैसी फसलों की मांग बढ़ने की संभावना है, जिनका उपयोग एथेनॉल उत्पादन में किया जाता है।
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