सुप्रीम कोर्ट: विवाहित बेटियां भी अनुकंपा नियुक्ति की पात्र
- 03 Jun 2026
2 जून, 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए कहा कि विवाहित पुत्रियों को अनुकंपा नियुक्ति (Compassionate Appointment) से वंचित नहीं किया जा सकता। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि केवल वैवाहिक स्थिति के आधार पर पुत्रियों को इस लाभ से बाहर रखना मनमाना, भेदभावपूर्ण और असंवैधानिक है।
मुख्य बिंदु
- सुप्रीम कोर्ट का फैसला: न्यायालय की पीठ ने कहा कि अनुकंपा नियुक्ति के लिए “परिवार” की परिभाषा से विवाहित पुत्रियों को बाहर रखना संविधान की भावना के अनुरूप नहीं है और इसे न्यायसंगत नहीं ठहराया जा सकता।
- क्या होती है अनुकंपा नियुक्ति?
- यह एक ऐसी व्यवस्था है, जिसके अंतर्गत किसी सरकारी कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु हो जाने अथवा चिकित्सकीय आधार पर सेवा से अक्षम घोषित होने की स्थिति में उसके आश्रित परिवार के सदस्य को रोजगार प्रदान किया जाता है।
- इसका मुख्य उद्देश्य पीड़ित और शोक संतप्त परिवार को तत्काल वित्तीय राहत प्रदान करना है।
- न्यायालय की टिप्पणी: सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि कोई पुत्री परिवार पर आश्रित है अथवा परिवार के सदस्य के रूप में उसका वैध दावा है, तो केवल उसके विवाहित होने के आधार पर उसे लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता।
- संवैधानिक आधार: यह ऐतिहासिक निर्णय भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) और अनुच्छेद 15 (भेदभाव का निषेध) के तहत समानता और गैर-भेदभाव के सिद्धांतों को और मजबूत करता है।
- महत्व: यह फैसला लैंगिक न्याय को बढ़ावा देता है और यह सुनिश्चित करता है कि कल्याणकारी व रोजगार संबंधी योजनाओं में बेटियों के साथ उनकी वैवाहिक स्थिति के भेदभाव के बिना समान व्यवहार किया जाए।
सामयिक खबरें
सामयिक खबरें
सामयिक खबरें
राष्ट्रीय
- राजनीति और प्रशासन
- अवसंरचना
- आंतरिक सुरक्षा
- आदिवासियों से संबंधित मुद्दे
- कमजोर वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएँ
- कार्यकारी और न्यायपालिका
- कार्यक्रम और योजनाएँ
- कृषि
- गरीबी और भूख
- जैवविविधता संरक्षण
- पर्यावरण
- पर्यावरण प्रदूषण, गिरावट और जलवायु परिवर्तन
- पारदर्शिता और जवाबदेही
- बैंकिंग व वित्त
- भारत को प्रभावित करने वाले द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह
- भारतीय अर्थव्यवस्था
- रक्षा और सुरक्षा
- राजव्यवस्था और शासन
- राजव्यवस्था और शासन
- रैंकिंग, रिपोर्ट, सर्वेक्षण और सूचकांक
- विज्ञान और प्रौद्योगिकी
- शिक्षा
- सरकार की नीतियां और हस्तक्षेप
- सांविधिक, विनियामक और अर्ध-न्यायिक निकाय
- स्वास्थ्य से संबंधित मुद्दे


