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सरकार ने थोक मूल्य सूचकांक (WPI) का आधार वर्ष संशोधित किया
- 03 Jun 2026
हाल ही में केंद्र सरकार ने थोक मूल्य सूचकांक (WPI) के आधार वर्ष (Base Year) को 2011-12 से बदलकर 2022-23 करने की मंजूरी दे दी। साथ ही, भारत की मूल्य मापन प्रणाली को अधिक आधुनिक और व्यापक बनाने के लिए उत्पादक मूल्य सूचकांकों (Producer Price Indices-PPI) की शुरुआत की घोषणा भी की गई।
मुख्य बिंदु
- आधार वर्ष में संशोधन: WPI के आधार वर्ष में परिवर्तन इसलिए किया गया है, ताकि यह वर्तमान आर्थिक संरचना और बाजार परिस्थितियों को अधिक यथार्थ रूप से प्रतिबिंबित कर सके।
- नए सूचकांकों की शुरुआत: सरकार आउटपुट प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (OPPI), ट्रायल इनपुट प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (IPPI) तथा सेवा उत्पादक मूल्य सूचकांक (Service PPI) जारी करेगी।
- जारी करने वाली संस्था: इन सूचकांकों को उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के अंतर्गत कार्यरत आर्थिक सलाहकार कार्यालय (Office of Economic Adviser) द्वारा जारी किया जाएगा।
- अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप: PPI प्रणाली की ओर यह परिवर्तन भारत के सांख्यिकीय ढांचे को अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं तथा अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की सिफारिशों के अनुरूप बनाता है।
- विस्तारित कवरेज: WPI में शामिल वस्तुओं की संख्या 697 से बढ़ाकर 957 कर दी गई है, जिससे अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों का अधिक व्यापक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होगा।


