भारत-यूके क्रिटिकल मिनरल्स ग्लोबल सप्लाई चेन ऑब्जर्वेटरी

  • 05 Jun 2026

4 जून, 2026 को भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) ने क्रिटिकल मिनरल्स ग्लोबल सप्लाई चेन ऑब्जर्वेटरी (Global Supply Chain Observatory-GSCO) का औपचारिक शुभारंभ किया।

मुख्य बिंदु

  • लक्ष्य: वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) की आपूर्ति श्रृंखलाओं की निगरानी, विश्लेषण और उनकी लोचशीलता (Resilience) में सुधार करना।
  • उद्देश्य: महत्वपूर्ण खनिजोंपर सहयोग को मजबूत करना, आपूर्ति श्रृंखला की लोचशीलता को बढ़ाना और स्वच्छ ऊर्जाव उन्नत तकनीकों के लिए संसाधन सुरक्षा सुनिश्चित करना।
  • पृष्ठभूमि: इस अनूठी पहल की घोषणा अक्टूबर 2025 में भारत और यूके के प्रधानमंत्रियों की द्विपक्षीय बैठक के दौरान की गई थी, जिसे मार्च 2026 में एक अनुसंधान सहयोग समझौते के माध्यम से औपचारिक रूप दिया गया।
  • क्रिटिकल मिनरल्स का महत्व: ये क्रिटिकल मिनरल्स निम्नलिखित क्षेत्रों के लिए बेहद अनिवार्य हैं:
    • स्वच्छ ऊर्जा तकनीकें (Clean energy technologies)
    • इलेक्ट्रिक वाहन (EVs)
    • उन्नत विनिर्माण (Advanced manufacturing)
    • रणनीतिक और उभरती हुई प्रौद्योगिकियां (Strategic and emerging technologies)
  • भारत को लाभ: यह ऑब्जर्वेटरी (वेधशाला) महत्वपूर्ण खनिजों से जुड़ी खुफिया और विश्लेषणात्मक क्षमताओं को मजबूत करेगी। साथ ही, यह भारत केराष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल मिशन (NCMM) के तहत साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण का समर्थन करेगी।