त्रिपुरा सारिंदा को GI टैग प्राप्त
- 17 Jun 2026
जून 2026 में त्रिपुरा के पारंपरिक वाद्य यंत्र ‘त्रिपुरा सारिंदा’ (Tripura Sarinda) को भौगोलिक संकेतक (GI) टैग प्रदान किया गया। यह राज्य की स्वदेशी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
- सारिंदा त्रिपुरा की लोक परंपराओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और राज्य के स्वदेशी समुदायों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रतिबिंबित करता है।
- GI टैग के लाभ:
- नकल एवं दुरुपयोग के विरुद्ध कानूनी संरक्षण।
- पारंपरिक शिल्पकला के संरक्षण को बढ़ावा।
- राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक पहचान।
- शिल्पकारों एवं लोक कलाकारों के लिए बेहतर आजीविका के अवसर।
- इस मान्यता के साथ त्रिपुरा में GI-प्रमाणित उत्पादों की संख्या बढ़कर 4 हो गई है।
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