भारत-यूके CETA 15 जुलाई, 2026 से होगा लागू
- 18 Jun 2026
17 जून, 2026 को भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) ने घोषणा की कि उनका ‘व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता’ (CETA) तथा डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन (DCC) 15 जुलाई, 2026 से प्रभावी हो जाएंगे। यह कदम दोनों देशों के द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग में एक ऐतिहासिक पड़ाव है।
मुख्य बिंदु
- मुख्य उद्देश्य: इन समझौतों का उद्देश्य भारत के ‘विकसित भारत 2047’ के दृष्टिकोण को संबल प्रदान करते हुए द्विपक्षीय व्यापार, निवेश, सेवाओं, तकनीकी सहयोग और श्रम गतिशीलता को मजबूत करना है।
- पृष्ठभूमि: यह ऐतिहासिक ढांचा भारत-यूके उन्नत व्यापार साझेदारी (2021) और ‘रोडमैप 2030’ पर आधारित है, जिसका लक्ष्य वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करके 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाना है।
- शुल्क-मुक्त बाजार पहुंच: यह CETA समझौता भारत की 99% टैरिफ लाइनों (उत्पादों) को यूके के बाजार में शुल्क-मुक्त पहुंच प्रदान करता है, जिससे ब्रिटिश बाजार में भारतीय निर्यात के अवसरों में भारी वृद्धि होगी।
- निर्यात के प्रमुख लाभार्थी क्षेत्र:
- प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ
- समुद्री उत्पाद
- इंजीनियरिंग सामान और ऑटो कम्पोनेंट्स
- चमड़ा और फुटवियर
- कपड़ा और परिधान
- रसायन और फार्मास्यूटिकल्स (औषधि क्षेत्र)
- संवेदनशील क्षेत्रों का संरक्षण: भारत ने घरेलू हितों की रक्षा के लिए अपने कई संवेदनशील क्षेत्रों को शुल्क रियायतों से बाहर रखा है; जैसे- डेयरी उत्पाद, अनाज, मोटे अनाज (Millets), खाद्य तेल, तिलहन, सेब और कई अन्य सब्जियां।
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