नैदानिक प्रतिष्ठान अधिनियम, 2010 में संशोधन अधिसूचित
- 26 Jun 2026
22 जून, 2026 को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) अधिनियम, 2026 के अंतर्गत ‘नैदानिक प्रतिष्ठान (पंजीकरण एवं विनियमन) अधिनियम, 2010’ [Clinical Establishments (Registration and Regulation) Act, 2010] में संशोधनों को अधिसूचित किया।
मुख्य बिंदु
- इन संशोधनों का उद्देश्य अनुपालन संबंधी बोझ को कम करना, छोटी प्रक्रियात्मक त्रुटियों का अपराधमुक्तीकरण करना, स्वैच्छिक अनुपालन को प्रोत्साहित करना तथा नागरिक-केंद्रित विनियामक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना है।
- ये संशोधन जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) अधिनियम, 2026 का हिस्सा हैं, जिसके माध्यम से 23 मंत्रालयों एवं विभागों द्वारा प्रशासित 79 केंद्रीय अधिनियमों के विभिन्न प्रावधानों का युक्तीकरण किया गया है।
- अधिनियम की धारा 40, 43 एवं 46 में ‘जुर्माना’ (Fine) शब्द के स्थान पर ‘दंड’ (Penalty) शब्द का प्रयोग किया गया है, जिससे प्रवर्तन व्यवस्था को आपराधिक अभियोजन के बजाय प्रशासनिक निर्णय पर आधारित बनाया गया है।
- धारा 44 में संशोधन कर कंपनियों द्वारा किए गए उल्लंघनों की प्रकृति एवं गंभीरता के आधार पर क्रमबद्ध एवं आनुपातिक दंड (Graded Penalties) का प्रावधान किया गया है।
- धारा 41 के अंतर्गत निर्णयन प्राधिकारी (Adjudicating Authority) की शक्तियों का विस्तार किया गया है, ताकि वह धारा 40, 43 एवं 44 से संबंधित मामलों की सुनवाई कर सके और प्रवर्तन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाया जा सके।
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