सहकारिता क्षेत्र में सुधारों के अगले चरण की आवश्यकता क्यों महसूस की जा रही है?
- 26 Jun 2026
क्योंकि सरकार सहकारिता क्षेत्र को डिजिटल प्रौद्योगिकी, पेशेवर प्रबंधन, सतत विकास तथा जमीनी स्तर के सशक्तीकरण के माध्यम से अधिक आधुनिक, पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी और आत्मनिर्भर बनाना चाहती है। इसी उद्देश्य से सहकारिता क्षेत्र के सुधारों के अगले चरण का रोडमैप प्रस्तुत किया गया है।
वर्तमान संदर्भ
- 25 जून, 2026 को श्रीनगर में आयोजित 8वें राष्ट्रीय सहकारिता सम्मेलन में सहकारिता मंत्रालय ने सहकारिता क्षेत्र के सुधारों के अगले चरण की रूपरेखा प्रस्तुत की।
सहकारिता क्षेत्र में सुधारों की प्रमुख दिशा
- डिजिटल रूपांतरण को कैसे बढ़ावा दिया जाएगा?
- सहकारी बैंकों को UPI-सक्षम सेवाओं सहित आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
- साथ ही, प्रस्तावित नेशनल कोऑपरेटिव डेटाबेस 2.0 के माध्यम से डेटा-आधारित सुशासन को सुदृढ़ किया जाएगा।
- प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) को कैसे सशक्त बनाया जाएगा?
- सम्मेलन में PACS के कंप्यूटरीकरण, मॉडल उपविधियों को अपनाने तथा बहुउद्देशीय PACS, डेयरी एवं मत्स्य सहकारी समितियों के विस्तार की प्रगति की समीक्षा की गई।
- विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना पर क्या जोर दिया गया?
- राज्यों से भंडारण अवसंरचना के विकास में तेजी लाने का आग्रह किया गया, ताकि फसल कटाई के बाद होने वाली क्षति कम हो तथा भंडारण क्षमता में वृद्धि की जा सके।
- चक्रीय अर्थव्यवस्था को सहकारिता क्षेत्र से कैसे जोड़ा जाएगा?
- सहकारी संस्थाओं को ग्रामीण अपशिष्ट को डेयरी, संपीडित जैव-गैस (CBG) तथा चीनी उद्योग के उप-उत्पादों के माध्यम से मूल्यवर्धित उत्पादों में परिवर्तित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
- राष्ट्रीय सहकारी संस्थाओं की भूमिका क्या होगी?
- नेशनल कोऑपरेटिव एक्सपोर्ट्स लिमिटेड (NCEL), नेशनल कोऑपरेटिव ऑर्गेनिक्स लिमिटेड (NCOL) तथा भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड (BBSSL) निर्यात, जैविक उत्पादों तथा बीजों से संबंधित राष्ट्रीय मूल्य श्रृंखलाओं को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
निष्कर्ष
सहकारिता क्षेत्र में डिजिटल प्रौद्योगिकी, संस्थागत सुधार और सतत विकास पर केंद्रित यह रोडमैप ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा सहकारी संस्थाओं को अधिक सक्षम, पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
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