भारत के ‘केसर के कटोरे’ का पूर्वोत्तर तक विस्तार

  • 11 Nov 2020

( 10 November, 2020, , www.pib.gov.in )


लंबे समय से कश्मीर तक ही सीमित ‘केसर का कटोरा’ (Saffron bowl) शीघ्र ही भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र तक विस्तारित हो सकता है। केसर के बीजों से निकले पौधे कश्मीर से यांगयांग (सिक्किम) ले जाकर रोपे गए, जहां ये पौधे पूर्वोत्तर राज्य के दक्षिण भाग में फल-फूल रहे हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य: भारत में ‘पंपोर क्षेत्र’ को आमतौर पर ‘कश्मीर के केसर के कटोरे’ के रूप में जाना जाता है। इसका केसर के उत्पादन में मुख्य योगदान है। इसके बाद बडगाम, श्रीनगर और किश्तवाड़ जिलों का स्थान हैं।

  • हालांकि ‘केसर पर राष्ट्रीय मिशन’ ने इसकी खेती को बेहतर बनाने के लिए कई उपायों पर ध्यान केंद्रित किया, लेकिन ये उपाय अभी तक विशिष्ट क्षेत्रों तक ही सीमित थे।
  • विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार के तहत एक स्वायत्त निकाय ‘नॉर्थ ईस्ट सेंटर फॉर टेक्नोलॉजी एप्लिकेशन एंड रीच’ (North East Centre For Technology Application and Reach- NECTAR) ने गुणवत्ता और उच्चतर मात्रा के साथ, भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में केसर उगाने की व्यवहार्यता का पता लगाने के लिए एक पायलट परियोजना शुरू की है।
  • सिक्किम केंद्रीय विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान और बागवानी विभाग ने सिक्किम के यांगयांग की मृदा और उसके वास्तविक पीएच स्थितियों को समझने के लिए परीक्षण कर पाया कि यहां की मृदा कश्मीर के केसर उत्पादन करने वाले स्थानों के समान ही है।