17वां आसियान-भारत शिखर सम्मेलन


37वें आसियान शिखर सम्मेलन के बीच आसियान के वर्तमान अध्यक्ष और वियतनाम के प्रधानमंत्री गुयेन जुयान फुक के आमंत्रण पर 12 नवंबर, 2020 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ‘17वें आसियान- भारत शिखर सम्मेलन’ में शामिल हुए। सम्मेलन वर्चुअल तरीके से आयोजित किया गया।

महत्वपूर्ण तथ्य: प्रधानमंत्री ने स्वतंत्र, खुला, समावेशी और नियम आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र सुनिश्चित करने के लिए भारत के ‘हिंद-प्रशांत महासागरीय पहल’ के महत्व को रेखांकित किया।

  • प्रधानमंत्री ने ‘कोविड-19 आसियान प्रतिक्रिया कोष’ में 1 मिलियन डॉलर के योगदान की घोषणा की।
  • प्रधानमंत्री ने आसियान और भारत के बीच ज्यादा से ज्यादा भौतिक और डिजिटल कनेक्टिविटी के महत्व को भी रेखांकित किया और आसियान कनेक्टिविटी का समर्थन करने के लिए 1 अरब डॉलर के क्रेडिट लाइन के भारत के प्रस्ताव की पुष्टि की।
  • आसियान के नेताओं ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए भारत के योगदान को मान्यता देते हुए 2021-2025 के लिए ‘नई आसियान- भारत कार्ययोजना’ को अपनाने का भी स्वागत किया।
  • ब्रुनेई दारुस्सलाम 2021 के लिए आसियान की अध्यक्षता ग्रहण करेगा।
  • आसियान की स्थापना बैंकॉक, थाईलैंड में 8 अगस्त, 1967 को हुई थी जब पांच संस्थापक सदस्यों - इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर और थाईलैंड ने ‘आसियान घोषणा’ पर हस्ताक्षर किए थे। बाद में ब्रुनेई दारुस्सलाम, कंबोडिया, लाओ पीडीआर, म्यांमार और वियतनाम आसियान में शामिल हुए।