न्यायपालिका के लिए बुनियादी ढांचा सुविधाओं का विकास


केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने न्यायपालिका के लिए बुनियादी ढांचे से जुड़ी सुविधाओं के विकास के लिए केन्द्र प्रायोजित योजना (CSS) को 1 अप्रैल, 2021 से लेकर 31 मार्च, 2026 तक और पांच वर्षों के लिए जारी रखने की मंजूरी दी है।

महत्वपूर्ण तथ्य: इस प्रस्ताव से जिला और अधीनस्थ न्यायालयों के न्यायिक अधिकारियों के लिए 3800 कोर्ट हॉल और 4000 आवासीय इकाइयों, वकीलों के लिए 1450 हॉल आदि के निर्माण में मदद मिलेगी।

योजना का कार्यान्वयन: योजना की कुल 9,000 करोड़ रुपये की लागत में केन्द्र सरकार की हिस्सेदारी 5,357 करोड़ रुपये की होगी, जिसमें ग्राम न्यायालय योजना के कार्यान्वयन के लिए 50 करोड़ रुपये की लागत भी शामिल है।

योजना की निगरानी: न्याय विभाग ने इसरो की तकनीकी सहायता से एक ऑनलाइन निगरानी प्रणाली विकसित की है।

  • उन्नत ‘न्याय विकास-2.0’ वेब पोर्टल और मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग पूरी हो चुकी और चल रही परियोजनाओं की जियो-टैगिंग द्वारा CSS न्यायिक बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं की वास्तविक और वित्तीय प्रगति की निगरानी के लिए किया जाता है।

अन्य तथ्य: न्यायपालिका के लिए बुनियादी ढांचे से जुड़ी सुविधाओं के विकास के लिए केन्द्र प्रायोजित योजना 1993-94 से चल रही है।

  • 2 अक्टूबर, 2009 से लागू ‘ग्राम न्यायालय अधिनियम, 2008’ को देश के ग्रामीण इलाकों में न्याय प्रणाली तक त्वरित और आसान पहुंच बनाने के उद्देश्य से ग्राम न्यायालयों की स्थापना के लिए लाया गया है।