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शिगेला
- 26 May 2022
केरल के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मई 2022 में कासरगोड में खाद्य विषाक्तता (food poisoning) की घटना 'शिगेला बैक्टीरिया' (Shigella bacteria) के कारण हुई है।

(Image Source: https://www.cdc.gov/shigella)
महत्वपूर्ण तथ्य: कासरगोड में एक भोजनालय से चिकन शावरमा (chicken shawarma) खाने के बाद लोगों के रक्त और मल में इस बैक्टीरिया की उपस्थिति की पुष्टि हुई।
- शिगेला बैक्टीरिया 'एंटरोबैक्टर परिवार' (enterobacter family) से संबंधित है। यह दुनिया भर में ‘अतिसार’ (Diarrhoea) के सबसे आम कारणों में से एक है।
- शिगेला बैक्टीरिया 'शिगेलोसिस (shigellosis) नामक संक्रमण का कारण बनता है।
- शिगेलोसिस एक बहुत ही सामान्य संक्रमण नहीं है। यह भोजन और पानी से होने वाला संक्रमण है, और यह दूषित भोजन के सेवन से हो सकता है; जैसे- केरल के मामले में ‘बिना धुले फल या सब्जियां’।
- शिगेला के संक्रमण से अधिकांश रोगियों में दस्त (कभी-कभी खूनी), पेट में ऐंठन और बुखार की शिकायत होती है।
- रोगी के मलमूत्र के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संपर्क से यह रोग आसानी से फैलता है। दूषित पानी से स्नान करने से भी संक्रमण हो सकता है।
- शिगेला बैक्टीरिया चार प्रकार के होते हैं, जो मनुष्यों को प्रभावित करते हैं - 'शिगेला सोनेई' (Shigella sonnei), 'शिगेला फ्लेक्सनेरी' (Shigella flexneri), शिगेला बॉयडी (Shigella boydii) और 'शिगेला डिसेंट्री' (Shigella dysenteriaei)।
- 'शिगेला डिसेंट्री' सबसे गंभीर बीमारी का कारण बनता है क्योंकि यह विष पैदा करता है।
- लगातार हाथ धोने से शिगेला संक्रमण को 70% तक कम किया जा सकता है। अधिकांश लोग एंटीबायोटिक दवाओं की आवश्यकता के बिना ठीक हो जाते हैं। हालांकि, गंभीर बीमारी वाले लोगों को एंटीबायोटिक दवाएं दी जानी चाहिए।


