आधार सुरक्षा के लिए UIDAI का बग बाउंटी कार्यक्रम
- 12 Mar 2026
11 मार्च, 2026 को भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार की डिजिटल प्रणालियों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए अपना पहला संरचित बग बाउंटी कार्यक्रम (Bug Bounty Programme) शुरू किया।
- कार्यक्रम का उद्देश्य
- आधार के डिजिटल प्लेटफार्मों की साइबर सुरक्षा को मजबूत करना।
- संभावित सुरक्षा कमियों की पहचान करना।
- इस पहल में भाग लेने के लिए 20 अनुभवी सुरक्षा शोधकर्ताओं और एथिकल हैकर्स का एक पैनल तैयार किया गया है।
- वे UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट, माई आधार पोर्टल और सुरक्षित क्यूआर कोड एप्लिकेशन जैसी UIDAI की डिजिटल संपत्तियों की जांच करेंगे।
- शोधकर्ता इन प्रणालियों में गंभीर, उच्च, मध्यम और निम्न जोखिम श्रेणियों में आने वाली कमियों की जांच करेंगे।
- प्रोत्साहन: शोधकर्ताओं को उनकी खोजी गई समस्या की गंभीरता के आधार पर पुरस्कार दिए जाएंगे।
- कार्यक्रम का महत्व: यह पहल साइबर सुरक्षा कमियों की जिम्मेदार रिपोर्टिंग को प्रोत्साहित करती है।
- UIDAI पहले से ही कई स्तरों की सुरक्षा का उपयोग करता है, जिनमें नियमित सुरक्षा ऑडिट, भेद्यता मूल्यांकन, भेदन परीक्षण और निरंतर निगरानी शामिल हैं।
- बग बाउंटी कार्यक्रम आधार सुरक्षा ढाँचे में एक अतिरिक्त सुरक्षा परत जोड़ता है।
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