रक्त उत्पाद परीक्षण मानकों में संशोधन का प्रस्ताव

  • 12 Mar 2026

9 मार्च, 2026 को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने ड्रग्स रूल्स, 1945 में संशोधन के मसौदे पर सार्वजनिक टिप्पणियाँ आमंत्रित कीं।

  • इसका उद्देश्य रक्त उत्पाद परीक्षण मानकों को अंतरराष्ट्रीय फार्माकोपियल मानकों के अनुरूप बनाना है।

मुख्य बिंदु

  • मसौदा अधिसूचना: यह संशोधन ड्राफ्ट गजट अधिसूचना GSR 164(E) के माध्यम से प्रस्तावित किया गया है।
    • यह शेड्यूल F, भाग XII C, पैरा G में परिवर्तन से संबंधित है।
  • दोहराव वाले परीक्षण हटाना: यदि प्लाज़्मा पूल स्तर पर वायरस परीक्षण पहले ही किया जा चुका है, तो तैयार रक्त उत्पादों में दोबारा परीक्षण हटाने का प्रस्ताव है।
  • अंतरराष्ट्रीय मानक: इस पर निम्न वैश्विक फार्माकोपिया मानक लागू होते हैं:
    • भारतीय फार्माकोपिया
    • ब्रिटिश फार्माकोपिया
    • यूनाइटेड स्टेट्स फार्माकोपिया
    • यूरोपीय फार्माकोपिया
  • वायरल स्क्रीनिंग: हेपेटाइटिस B सतह एंटीजन (HBsAg), हेपेटाइटिस C वायरस RNA, एचआईवी एंटीबॉडी (HIV Antibodies) के लिए प्लाज़्मा पूल का परीक्षण किया जाता है।
  • वर्तमान भारतीय प्रणाली: भारत में वर्तमान नियमों के तहत अंतिम रक्त उत्पादों का भी पुनः परीक्षण किया जाता है।
  • प्रस्तावित संशोधन का उद्देश्य: अनावश्यक परीक्षण हटाना, अनुपालन प्रक्रिया को सरल बनाना और वैश्विक मानकों के अनुरूप नियामकीय ढाँचा तैयार करना है।