फिसकल हेल्थ इंडेक्स, 2026

  • 14 Mar 2026

11 मार्च, 2026 को नीति आयोग ने नई दिल्ली में “फिसकल हेल्थ इंडेक्स, 2026” का दूसरा वार्षिक संस्करण जारी किया।

मुख्य बिंदु

  • फिसकल हेल्थ इंडेक्स, 2026 भारतीय राज्यों के राजकोषीय प्रदर्शन का व्यापक तथा तुलनात्मक आकलन प्रस्तुत करता है।
  • यह सूचकांक एक डेटा-आधारित ढाँचा है, जिसका उद्देश्य राज्यों की राजकोषीय सुदृढ़ता का मूल्यांकन करना, सुधारों का मार्गदर्शन करना तथा साक्ष्य-आधारित राजकोषीय नीति-निर्माण को बढ़ावा देना है।
  • सूचकांक के प्रथम संस्करण में 18 प्रमुख राज्यों के राजकोषीय प्रदर्शन का मूल्यांकन किया गया था।
  • वर्तमान संस्करण में 10 पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों को भी शामिल किया गया है, जिससे यह सूचकांक भारत की राजकोषीय विविधता को अधिक समावेशी और प्रतिनिधिक रूप से प्रदर्शित करता है।

फिसकल हेल्थ इंडेक्स के 5 स्तंभ:

  • व्यय की गुणवत्ता: यह मापता है कि विकासात्मक व्यय का हिस्सा अविकासात्मक व्ययकी तुलना में कितना है।
  • राजस्व संकलन क्षमता: यह किसी राज्य की स्वतंत्र रूप से कर एवं गैर-कर राजस्व उत्पन्न करने की क्षमता का मूल्यांकन करता है।
  • राजकोषीय अनुशासन (Prudence): यह राजकोषीय घाटा और राजस्व घाटा को सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) के सापेक्ष मापता है।
  • ऋण सूचकांक: यह राज्यों की बकाया सार्वजनिक देनदारियों के आकार, संरचना तथा ब्याज भार का विश्लेषण करता है।
  • ऋण स्थिरता: यह आकलन करता है कि GSDP की वृद्धि दर ब्याज भुगतान से अधिक है या नहीं।

यदि GSDP वृद्धि ब्याज भुगतान से अधिक है, तो यह दीर्घकालिक ऋण प्रबंधन के लिए सकारात्मक संकेत माना जाता है।