राष्ट्रीय नौवहन बोर्ड
- 14 Mar 2026
11 मार्च, 2026 को केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय नौवहन बोर्ड (NSB) के साथ एक उच्च-स्तरीय बैठक आयोजित की।
- इस बैठक का उद्देश्य भारत के नौवहन क्षेत्र में उभरती चुनौतियों पर चर्चा करना तथा बदलते वैश्विक भू-राजनीतिक और व्यापारिक गतिशीलताओं के बीच देश की समुद्री क्षमता को सुदृढ़ करने के उपायों की समीक्षा करना था।
- राष्ट्रीय नौवहन बोर्ड (NSB); पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय के अंतर्गत एक सांविधिक निकाय है।
- इसकी स्थापना मर्चेंट शिपिंग अधिनियम, 1958 की धारा 4 के अंतर्गत वर्ष 1959 में की गई थी।
- NSB सरकार को निम्न क्षेत्रों से संबंधित नीतिगत विषयों पर परामर्श देता है:
- वाणिज्यिक नौवहन
- बंदरगाह विकास
- समुद्री सुरक्षा
- समुद्री शिक्षा और प्रशिक्षण
- यह भारतीय नौवहन उद्योग के विकास एवं आधुनिकीकरण में सहयोग करता है।
- इसके लिए यह सरकार को नीतिगत सुधार और संस्थागत सुधार के सुझाव देता है।
- संरचना
- राष्ट्रीय नौवहन बोर्ड में अध्यक्ष और सदस्य शामिल होते हैं।
- कुल 6 सदस्य संसद द्वारा निर्वाचित होते हैं: लोकसभा से 4 सदस्य, राज्यसभा से 2 सदस्य।
- केंद्र सरकार अधिकतम 16 अतिरिक्त सदस्यों की नियुक्ति कर सकती है।
- कार्यकाल: बोर्ड के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों का कार्यकाल 2 वर्ष का होता है।
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