टीबी उपचार में आयुर्वेद एकीकरण हेतु वैश्विक अध्ययन
- 26 Mar 2026
24 मार्च, 2026 को विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर भारत ने एक अभूतपूर्व वैश्विक नैदानिक अध्ययन की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य क्षय रोग (TB) के मानक उपचार के साथ आयुर्वेद के एकीकरण का मूल्यांकन करना है।
मुख्य बिंदु
- उद्देश्य: बेहतर स्वास्थ्य परिणामों एवं शीघ्र पुनर्प्राप्ति हेतु मानक एंटी-ट्यूबरकुलोसिस उपचार (ATT) के साथ आयुर्वेद को सहायक प्रणाली के रूप में परखना।
- अध्ययन का दायरा:
- 1,200 से अधिक रोगियों की भागीदारी।
- भारत के प्रमुख संस्थानों में संचालन।
- मुख्य फोकस क्षेत्र:
- पोषणीय सुधार एवं वजन वृद्धि
- रोग की प्रगति
- जीवन गुणवत्ता
- उपचार की सुरक्षा एवं सहनशीलता
- समग्र दृष्टिकोण: आधुनिक जैव-प्रौद्योगिकी और पारंपरिक ज्ञान का संयोजन, जिससे रोगी-केंद्रित एवं व्यापक उपचार सुनिश्चित किया जा सके।
- भारत की प्रगति (टीबी नियंत्रण):
- 2015 से अब तक TB की घटनाओं में 21% की कमी।
- 2024 में मामलों की दर लगभग 187 प्रति 1,00,000 जनसंख्या।
- राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम द्वारा संचालित प्रगति।
- समाधान हेतु प्रमुख चुनौतियां:
- दवा प्रतिरोध (Drug Resistance)।
- उपचार की विषाक्तता।
- कुपोषण की चुनौती।
- मधुमेह जैसे सह-रुग्णताओं से संबंध।
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