आव्रजन, वीजा, विदेशी पंजीकरण एवं ट्रैकिंग योजना का विस्तार
- 26 Mar 2026
25 मार्च, 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आव्रजन, वीजा, विदेशी पंजीकरण एवं ट्रैकिंग (IVFRT) योजना को अगले 5 वर्षों (2026-2031) के लिए ₹1,800 करोड़ के परिव्यय के साथ जारी रखने की स्वीकृति दी।
मुख्य बिंदु
- उद्देश्य: सुरक्षित एवं प्रौद्योगिकी-आधारित मंच के माध्यम से इमिग्रेशन, वीज़ा तथा विदेशी पंजीकरण प्रणालियों का आधुनिकीकरण एवं एकीकरण।
- पृष्ठभूमि:
- वर्ष 2010 में प्रारंभ।
- आव्रजन और विदेशी अधिनियम, 2025 के तहत अनुपालन।
- अवैध प्रवासन एवं बढ़ती वैश्विक गतिशीलता जैसी चुनौतियों का समाधान।
- भावी चरण (2026-2031) के प्रमुख फोकस क्षेत्र:
- उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाना।
- अवसंरचना का आधुनिकीकरण।
- सेवाओं का अनुकूलन।
- नई सुविधाएं:
- मोबाइल-आधारित सेवाएं।
- स्व-सेवा कियोस्क।
- निर्बाध उपयोगकर्ता अनुभव हेतु एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म।
- अवसंरचना विस्तार:
- 117 इमिग्रेशन चेक पोस्ट।
- 15 विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRROs) ।
- देशभर में 850+ विदेशी पंजीकरण अधिकारी।
- दक्षता में सुधार:
- 91% ई-वीज़ा 72 घंटों के भीतर संसाधित।
- इमिग्रेशन क्लीयरेंस समय 5-6 मिनट से घटकर 2.5-3 मिनट।
- फास्ट ट्रैक इमिग्रेशन-ट्रस्टेड ट्रैवलर प्रोग्राम (FTI-TTP):
- यह कार्यक्रम 13 हवाई अड्डों पर संचालित।
- स्वचालित ई-गेट्स के माध्यम से लगभग 30 सेकंड में क्लीयरेंस।
- भारतीय नागरिकों एवं OCI कार्डधारकों के लिए निःशुल्क।
- आर्थिक एवं रणनीतिक प्रभाव:
- राष्ट्रीय सुरक्षा एवं सीमा प्रबंधन को सुदृढ़ता।
- पर्यटन, विमानन, आतिथ्य एवं व्यापार क्षेत्रों को प्रोत्साहन।
- व्यवसाय सुगमता एवं यात्रा अनुभव में सुधार।
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