पंचायती राज संस्थानों को ₹4,383 करोड़ का अनुदान
- 26 Mar 2026
24 मार्च, 2026 को केंद्र सरकार ने बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और महाराष्ट्र के पंचायती राज संस्थानों (PRIs) को ग्रामीण स्थानीय शासन को सुदृढ़ करने हेतु 15वें वित्त आयोग (XV-FC) के अंतर्गत ₹4,383.98 करोड़ जारी किए।
मुख्य बिंदु
- कुल आवंटन: वित्त वर्ष 2025-26 हेतु (पूर्व वर्षों की लंबित किस्तों सहित) बंधित (tied) एवं अबंधित (untied) दोनों प्रकार के अनुदान के रूप में ₹4,383.98 करोड़ जारी।
- राज्यवार वितरण:
- बिहार: ₹1,203.60 करोड़ + ₹2.09 करोड़ (अस्थायी रूप से रोकी गई राशि)।
- उत्तर प्रदेश: ₹2,339.10 करोड़ + ₹16.52 करोड़ (अस्थायी रूप से रोकी गई राशि)।
- झारखंड: ₹412.69 करोड़।
- महाराष्ट्र: पूर्व वर्षों की बंधित एवं अबंधित अनुदान की अनेक किस्तें जारी।
- लाभार्थी: चारों राज्यों के जिला पंचायत (DPs), ब्लॉक पंचायत (BPs) एवं ग्राम पंचायत (GPs)।
- बंधित अनुदान (Tied Grants) का उपयोग:
- स्वच्छता एवं खुले में शौच मुक्त (ODF) स्थिति का रखरखाव।
- अपशिष्ट प्रबंधन एवं मल-कीचड़ उपचार।
- पेयजल आपूर्ति, वर्षा जल संचयन एवं जल पुनर्चक्रण।
- अबंधित अनुदान (Untied Grants) का उपयोग:
- स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार लचीला व्यय।
- संविधान की 11वीं अनुसूची के अंतर्गत 29 विषयों को कवर करता है।
- वेतन एवं स्थापना व्यय पर उपयोग निषिद्ध।
- संस्थागत तंत्र:
- पंचायती राज मंत्रालय एवं जल शक्ति मंत्रालय द्वारा अनुशंसित।
- वित्त मंत्रालय द्वारा प्रतिवर्ष दो किस्तों में जारी।
- महत्त्व:
- जमीनी स्तर पर लोकतंत्र एवं विकेंद्रीकृत शासन को सुदृढ़ करता है।
- ग्रामीण अवसंरचना एवं सेवा वितरण में सुधार।
- स्वच्छता, जल सुरक्षा एवं स्थानीय विकास प्राथमिकताओं को समर्थन।
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