गुजरात विधानसभा द्वारा समान नागरिक संहिता विधेयक पारित

  • 26 Mar 2026

24 मार्च, 2026 को गुजरात विधानसभा ने समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक, 2026 पारित किया। इस विधेयक का उद्देश्य समानता एवं एक समान विधिक ढांचा सुनिश्चित करना है।

  • दूसरा राज्य: उत्तराखंड के बाद गुजरात UCC लागू करने वाला दूसरा राज्य बन गया।
  • मुख्य सिद्धांत: मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने न्याय एवं समानता को इसके मूल सिद्धांत बताया।
  • व्यापक रूप से लागू: यह कानून जाति एवं धर्म की परवाह किए बिना सभी नागरिकों पर लागू होगा।
  • विवाह पंजीकरण:
    • 60 दिनों के भीतर विवाह का अनिवार्य पंजीकरण।
    • पंजीकरण न कराने पर ₹10,000 तक का जुर्माना।
  • जबरन एवं धोखाधड़ी विवाह पर प्रावधान: कड़ी सजा (अधिकतम 7 वर्ष तक) ।
  • तलाक संबंधी प्रावधान:
    • सभी समुदायों के लिए समान नियम।
    • तलाक न्यायालय की स्वीकृति एवं पंजीकरण के साथ ही मान्य।
    • अवैध तलाक पर 3 वर्ष तक की सजा।
  • लिव-इन संबंधों का पंजीकरण:
    • अनिवार्य पंजीकरण का प्रावधान।
    • उल्लंघन पर जुर्माना या कारावास।
  • उत्तराधिकार अधिकार: पुत्र एवं पुत्री के लिए समान अधिकार सुनिश्चित।
  • महिलाओं के अधिकार: विधिक संरक्षण एवं भरण-पोषण अधिकारों को सुदृढ़ किया गया।
  • बच्चों के अधिकार: कानूनी मान्यता एवं उत्तराधिकार अधिकार सुनिश्चित।
  • संवैधानिक आधार: यह विधेयक संविधान के अनुच्छेद 44 के अनुरूप है।