SC में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने को कैबिनेट की मंजूरी
- 06 May 2026
5 मई, 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 को प्रस्तुत करने की स्वीकृति दी, जिसके तहत सुप्रीम कोर्ट की स्वीकृत न्यायाधीश संख्या को 33 से बढ़ाकर 37 (मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर) करने का प्रस्ताव है।
प्रमुख बिंदु
- विधायी संशोधन:
- यह प्रस्ताव सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) अधिनियम, 1956 में संशोधन से संबंधित है, जो सर्वोच्च न्यायालय की स्वीकृत न्यायाधीश संख्या निर्धारित करता है।
- उद्देश्य:
- सर्वोच्च न्यायालय की कार्यक्षमता में सुधार करना।
- लंबित मामलों को कम करना तथा मामलों के निपटान की गति बढ़ाना।
- वित्तीय प्रावधान:
- व्यय का वहन भारत की संचित निधि से किया जाएगा।
- इसमें वेतन, स्टाफ तथा अवसंरचना से संबंधित खर्च शामिल हैं।
- संवैधानिक आधार: भारत का संविधान संसद को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की संख्या निर्धारित करने का अधिकार प्रदान करता है।
- ऐतिहासिक विकास:
- स्वतंत्रता के समय 8 न्यायाधीश।
- 1956 में 10, 1960 में 13, 1977 में 17, 1986 में 25, 2008 में 30 तथा 2019 में 33।
- वर्तमान आवश्यकता:
- मामलों का बढ़ता बोझ और लंबित मामलों में निरंतर वृद्धि।
- त्वरित एवं सुलभ न्याय सुनिश्चित करने की आवश्यकता।
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