कैबिनेट द्वारा दो नए सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को मंज़ूरी

  • 06 May 2026

5 मई, 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) के तहत ₹3,936 करोड़ के 2 सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट्स को मंज़ूरी दी। इसका उद्देश्य भारत के उन्नत चिप निर्माण इकोसिस्टम को मज़बूत करना है।

मुख्य बिंदु

  • रोज़गार सृजन: इन परियोजनाओं से लगभग 2,230 कुशल पेशेवरों के लिए रोज़गार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
  • पहली मिनी/माइक्रो-एलईडी (Mini/Micro-LED) फैसिलिटी: क्रिस्टल मैट्रिक्स लिमिटेड गैलियम नाइट्राइड (GaN) तकनीक पर आधारित भारत की पहली व्यावसायिक मिनी/माइक्रो-एलईडी डिस्प्ले मैन्युफैक्चरिंग यूनिट धोलेरा (गुजरात) में स्थापित करेगी।
  • उत्पादन क्षमता: धोलेरा फैसिलिटी सालाना 72,000 वर्ग मीटर मिनी/माइक्रो-एलईडी डिस्प्ले पैनल और 24,000 सेट RGB GaN एपिटैक्सी (epitaxy) वेफर्स का निर्माण करेगी।
  • उन्नत अनुप्रयोग: ये उत्पाद टीवी, स्मार्टफोन, ऑटोमोटिव डिस्प्ले, स्मार्टवॉच, एक्सटेंडेड रियलिटी (XR) डिवाइस और कमर्शियल डिस्प्ले सिस्टम को सपोर्ट करेंगे।
  • सूरत में OSAT फैसिलिटी: सुची सेमीकॉन प्राइवेट लिमिटेड सूरत में एक आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (OSAT) फैसिलिटी स्थापित करेगी।
  • चिप निर्माण क्षमता: सूरत प्लांट ऑटोमोटिव, इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के लिए सालाना 1,033 मिलियन (103 करोड़) से अधिक सेमीकंडक्टर चिप्स का उत्पादन करेगा।
  • फोकस क्षेत्र: यह OSAT यूनिट पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और एनालॉग इंटीग्रेटेड सर्किट (IC) एप्लिकेशन्स को सपोर्ट करेगी।
  • बढ़ता सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम: इन मंज़ूरियों के साथ, भारत में अब ISM के तहत लगभग ₹1.64 लाख करोड़ के कुल निवेश वाली 12 सेमीकंडक्टर परियोजनाएं हो गई हैं।
  • इनोवेशन को समर्थन: 315 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों और 104 स्टार्टअप्स से जुड़ी बुनियादी ढांचा पहलों के माध्यम से सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को समर्थन दिया जा रहा है।
  • रणनीतिक महत्व: ये परियोजनाएं सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने और एक वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब (विनिर्माण केंद्र) के रूप में उभरने के भारत के लक्ष्य को और मज़बूत करती हैं।