दुर्लभ बीमारियों पर राष्ट्रीय सम्मेलन का हुआ उद्घाटन
- 06 May 2026
5 मई, 2026 को, केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने दुर्लभ बीमारियों के प्रति भारत की प्रतिक्रिया को मज़बूत करने के लिए ‘दुर्लभ बीमारियों पर राष्ट्रीय सम्मेलन’ (National Conference on Rare Diseases) का उद्घाटन किया।
- हितधारकों का महामंथन: 2 दिवसीय इस सम्मेलन में नीति निर्माता, शोधकर्ता, नैदानिक विशेषज्ञ, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और रोगी सहायता समूह दुर्लभ बीमारियों के निदान, उपचार और नवाचार पर चर्चा करेंगे।
- उद्घाटन सत्र में संबोधन: उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्या सलिला श्रीवास्तव ने मरीज़ों की स्थिति में सुधार लाने के लिए नवाचार, शुरुआती निदान और सभी हितधारकों के बीच मज़बूत सहयोग के महत्व पर ज़ोर दिया।
- नीतिगत विकास: उन्होंने रेखांकित किया कि भारत ने पहली बार 'राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017' में दुर्लभ बीमारियों को औपचारिक रूप से शामिल किया था, जिसके बाद 'दुर्लभ बीमारियों के लिए राष्ट्रीय नीति 2021' लागू की गई।
- उत्कृष्टता केंद्रों (CoEs) का विस्तार: दुर्लभ बीमारियों के इलाज के लिए बने 'सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस' (उत्कृष्टता केंद्र) के नेटवर्क का दायरा 8 से बढ़ाकर 15 संस्थानों तक कर दिया गया है, जिनमें से दो पूर्वोत्तर (Northeast) में स्थित हैं।
- वित्तीय सहायता और कर छूट: नीति के तहत मरीज़ों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता बढ़ाकर ₹50 लाख कर दी गई है। साथ ही, इलाज के खर्च को कम करने के लिए कुछ जीवन रक्षक दवाओं को बुनियादी सीमा शुल्क से छूट दी गई है।
- प्रशिक्षण और डिजिटल निगरानी: सरकार इसके साथ ही देश भर में प्रशिक्षण कार्यक्रम और कार्यशालाएं आयोजित कर रही है और इनके सुचारू संचालन व निगरानी के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जा रहा है।
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