प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल टीमों हेतु एकीकृत प्रशिक्षण पहल

  • 09 May 2026

मई 2026 में, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक एकीकृत योग्यता-संचालित ढांचे के माध्यम से फ्रंटलाइन स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए ‘प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल टीमों हेतु एकीकृत प्रशिक्षण’ (Integrated Training for Primary Healthcare Teams) का शुभारंभ किया।

मुख्य बिंदु

  • मुख्य उद्देश्य:
    • खंडित प्रशिक्षण प्रणाली से हटकर एकीकृत दक्षता-आधारित ढांचे की ओर संक्रमण।
    • अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्यकर्मियों की क्षमताओं को सुदृढ़ करना।
  • प्रमुख फोकस क्षेत्र:
    • समग्र प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना।
    • निवारक, प्रोत्साहक, उपचारात्मक तथा अनुवर्ती देखभाल को सुदृढ़ करना।
    • जन-केंद्रित और सहानुभूतिपूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देना।
  • संबद्ध पहल: यह पहल आयुष्मान भारत तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को समर्थन प्रदान करती है।
  • सामुदायिक सहभागिता मंच:
    • जन आरोग्य समितियां।
    • महिला आरोग्य समितियां।
    • ग्राम स्वास्थ्य एवं स्वच्छता समितियां।
  • डिजिटल शिक्षण सहायता:
    • iGOT कर्मयोगी के माध्यम से सतत अधिगम को बढ़ावा।
    • अनुकूलनीय एवं भविष्य के लिए तैयार कार्यबल के निर्माण में सहायक।
  • महिला-केंद्रित आयाम:
    • प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा कार्यबल में 70% से अधिक महिलाएं हैं।
    • इसमें आशा (ASHAs), एएनएम (ANMs) तथा सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHOs) शामिल हैं।
    • प्रधानमंत्री के ‘नारी शक्ति’ संबंधी दृष्टिकोण को समर्थन प्रदान करता है।
  • अपेक्षित लाभ:
    • स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता में सुधार।
    • उच्च स्तरीय स्वास्थ्य संस्थानों पर भार में कमी।
    • सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में विश्वास को सुदृढ़ करना।
    • अंतिम छोर तक स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर पहुंच सुनिश्चित करना।
  • रणनीतिक महत्त्व:
    • सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की दिशा में भारत की प्रगति को सुदृढ़ करता है।
    • ‘विकसित भारत @2047’ की परिकल्पना को समर्थन प्रदान करता है।
    • निवारक एवं समुदाय-आधारित स्वास्थ्य मॉडल को मजबूत बनाता है।