SC बार एसोसिएशन में महिलाओं हेतु उपाध्यक्ष पद का प्रस्ताव
- 09 May 2026
8 मई, 2026 को सर्वोच्च न्यायालय ने वर्ष 2027 से सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) में महिलाओं के लिए स्थायी ‘महिला-आरक्षित उपाध्यक्ष पद’ सृजित करने का प्रस्ताव रखा। साथ ही, वर्ष 2026–27 के चुनावों में सचिव पद को महिलाओं हेतु आरक्षित बनाए रखने की बात कही गई।
मुख्य बिंदु
- महिला नेतृत्व को प्रोत्साहन: न्यायालय ने कहा कि यह सुधार भविष्य में सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की पहली महिला अध्यक्ष के मार्ग को प्रशस्त कर सकता है।
- सचिव पद का आरक्षण जारी: आगामी 2026-27 SCBA चुनावों के लिए, सचिव पद महिला सदस्यों के लिए आरक्षित रहेगा।
- महासभा परामर्श: न्यायालय ने SCBA को प्रस्तावित स्थायी महिला-मात्र उपाध्यक्ष पद पर चर्चा करने और विचार करने के लिए एक महासभा की बैठक बुलाने का निर्देश दिया।
- महिला अधिवक्ताओं की आपत्ति: कई महिला अधिवक्ताओं ने आरक्षण को केवल उपाध्यक्ष पद तक सीमित करने का विरोध किया। उनका तर्क था कि सचिव पद दैनिक कार्यप्रणाली में अधिक परिचालनात्मक महत्त्व रखता है।
- पूर्व व्यवस्था की बहाली: न्यायालय ने पिछले वर्ष की व्यवस्था को पुनर्स्थापित किया, जिसके अंतर्गत सचिव पद, कार्यकारी समिति के दो वरिष्ठ पद तथा कार्यकारी समिति के तीन पद महिलाओं हेतु आरक्षित थे।
- संस्थागत सुधार दृष्टिकोण: पीठ ने इस बात पर जोर दिया कि बार एसोसिएशनों में सुधार न्यायिक रूप से थोपने के बजाय वकीलों के बीच भागीदारी और आम सहमति के माध्यम से विकसित होने चाहिए।
- न्यायिक प्रतिबद्धता: न्यायालय ने कानूनी संस्थानों और बार निकायों में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
- व्यापक आरक्षण उपाय: पिछले एक वर्ष में सर्वोच्च न्यायालय ने बार एसोसिएशनों में महिलाओं हेतु 33% आरक्षण तथा बार काउंसिलों में 30% आरक्षण को स्वीकृति प्रदान की है।
- महत्व: इस कदम का उद्देश्य कानूनी पेशे में महिलाओं के लिए लैंगिक समावेशन, नेतृत्व के अवसरों और संस्थागत प्रतिनिधित्व को मजबूत करना है।
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