सतही कोयला/लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं की प्रोत्साहन योजना
- 16 May 2026
13 मई, 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 37,500 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ “सतही कोयला/लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं को प्रोत्साहन देने की योजना” (Scheme for Promotion of Surface Coal/Lignite Gasification Projects) को स्वीकृति दी।
मुख्य बिंदु
- उद्देश्य: इसका उद्देश्य ऊर्जा सुरक्षा सुदृढ़ करना, आयात निर्भरता कम करना तथा वर्ष 2030 तक 100 मिलियन टन कोयले के गैसीकरण के लक्ष्य को प्राप्त करना है।
- लक्ष्य: योजना के अंतर्गत लगभग 75 मिलियन टन कोयला/लिग्नाइट के गैसीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
- कोयला गैसीकरण: यह प्रक्रिया कोयला अथवा लिग्नाइट को सिंथेसिस गैस [Synthesis Gas (Syngas)] में परिवर्तित करती है, जिसका उपयोग ईंधन एवं रसायनों के उत्पादन में किया जाता है।
- वित्तीय प्रोत्साहन: कंपनियों को संयंत्र एवं मशीनरी लागत का अधिकतम 20% तक प्रोत्साहन दिया जा सकेगा, जिसकी प्रति परियोजना अधिकतम सीमा 5,000 करोड़ रुपये होगी।
- निवेश संभावना: इस योजना से 2.5–3 लाख करोड़ रुपये के निवेश को प्रोत्साहन मिलने की संभावना है।
- रोजगार सृजन: कोयला उत्पादक क्षेत्रों में लगभग 50,000 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है।
- नीतिगत सुधार: कोयला गैसीकरण परियोजनाओं हेतु गैर-विनियमित क्षेत्र [Non-Regulated Sector] ढांचे के अंतर्गत कोयला लिंकेज अवधि को बढ़ाकर 30 वर्ष तक कर दिया गया है।
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