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कैसर-ए-हिंद अरुणाचल की राज्य तितली
- 02 Dec 2021
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल ने 13 नवंबर, 2021 को ‘कैसर-ए-हिंद’ (Kaiser-i-Hind) को राज्य तितली के रूप में मंजूरी प्रदान की।

(Image Source: https://www.thehindu.com/)
उद्देश्य: राज्य में तितली पर्यटन को बढ़ावा देने और प्रजातियों को विलुप्त होने से बचाना।
- कैसर-ए-हिंद विशाल और चमकीले रंग की तितली है। कैसर-ए-हिंद का वैज्ञानिक नाम 'तेइनोपालपस इम्पीरियलिस' (Teinopalpus imperialis) है तथा इसका शाब्दिक अर्थ है 'भारत का सम्राट'।
- 90-120 मिमी पंखों वाली यह तितली पूर्वी हिमालय के साथ छ: राज्यों में जंगली इलाकों में 6,000-10,000 फीट की ऊंचाई पर पाई जाती है।
- यह तितली नेपाल, भूटान, म्यांमार, लाओस, वियतनाम और दक्षिणी चीन में भी पाई जाती है।
संरक्षण की स्थिति: आईयूसीएन रेड लिस्ट में 'खतरे के निकट' (Near Threatened) तथा CITES अभिसमय के परिशिष्ट II में शामिल है।
- हालांकि कैसर-ए-हिंद ‘वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972’ की अनुसूची II के तहत संरक्षित है, लेकिन तितली संग्राहकों को आपूर्ति के लिए इसका शिकार किया जाता है।


