पीआईबी न्यूज आर्थिक

आई-स्प्रिंट'21


अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (IFSCA) और गिफ्ट सिटी ने 7 अक्टूबर, 2021 को IFSCA की वैश्विक फिनटेक हैकथॉन शृंखला 'आई-स्प्रिंट'21' (I-Sprint’21) की शुरुआत की।


(Image Source: @icreateNextGenTwitter)

महत्वपूर्ण तथ्य: शृंखला का पहला स्प्रिंट "स्प्रिंट01: बैंकटेक" (Sprint01: BankTech) बैंकिंग क्षेत्र के लिए फिनटेक पर केन्द्रित है।

  • स्प्रिंट01: बैंकटेक को IFSCA और गिफ्ट सिटी द्वारा नीति आयोग के सहयोग से संयुक्त रूप से होस्ट किया गया है।
  • यह हैकथॉन वर्चुअल संचालित की जाएगी और दुनिया भर से पात्र फिनटेक के लिए खुला होगा।
  • IFSCA भारत में अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्रों (IFSCs) में वित्तीय उत्पादों, वित्तीय सेवाओं और वित्तीय संस्थानों के विकास और विनियमन के लिए एक एकीकृत प्राधिकरण है।
  • IFSCA में बैंकिंग, बीमा, प्रतिभूतियों और फंड प्रबंधन के स्पेक्ट्रम में वित्तीय प्रौद्योगिकियों (फिनटेक) की पहल को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाता है।

सामयिक खबरें आर्थिकी

सिंधुदुर्ग हवाई अड्डा


नागरिक उड्डयन मंत्री, ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ‘क्षेत्रीय संपर्क योजना-उड़े देश का आम नागरिक’ (RCS- UDAN) के तहत 9 अक्टूबर, 2021 को महाराष्ट्र में ग्रीनफील्ड सिंधुदुर्ग हवाई अड्डे का उद्घाटन किया। RCS- UDAN के तहत सिंधुदुर्ग को मुंबई से जोड़ने वाली पहली उड़ान को भी इस अवसर पर झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

(Image Source: @micnewdelhi Twitter)

महत्वपूर्ण तथ्य: महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले में सिंधुदुर्ग हवाई अड्डे को 'चिपी हवाई अड्डे' (Chipi Airport) के नाम से भी जाना जाता है।

  • हवाई अड्डा 275 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है और रनवे की लंबाई 2,500 मीटर है।
  • सिंधुदुर्ग (महाराष्ट्र), 'कोंकण' के दक्षिणी भाग में स्थित है।
  • जिले का नाम सिंधुदुर्ग के किले के नाम पर रखा गया है जिसका अर्थ है "समुद्र में किला", जो मालवन के तट पर एक चट्टानी द्वीप पर स्थित है।

सामयिक खबरें राष्ट्रीय

सूचना का अधिकार अधिनियम की प्रयोज्यता


अक्टूबर 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट को निर्देश दिया है कि वह सरकार के खुफिया और सुरक्षा संगठनों पर सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम की प्रयोज्यता तय करे।

(Image Source: https://rti.gov.in/)

महत्वपूर्ण तथ्य: जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस एएस बोपन्ना की पीठ ने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकारी विभाग पर आरटीआई अधिनियम लागू न होने की उसकी आपत्ति पर फैसला किए बिना निर्देश जारी किया था।

  • शीर्ष अदालत उच्च न्यायालय के 2018 के उस फैसले के खिलाफ केंद्र द्वारा दायर एक अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें विभाग को 15 दिनों के भीतर कर्मचारी को सूचना प्रदान करने का निर्देश दिया गया था।
  • केंद्र की ओर से पेश हुए वकील ने हाईकोर्ट को बताया था कि जिस विभाग से सूचना मांगी गई है, उसे आरटीआई एक्ट, 2005 की धारा 24(1) के तहत छूट दी गई है।
  • आरटीआई अधिनियम की धारा 24 कुछ खुफिया और सुरक्षा संगठनों को "भ्रष्टाचार और मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोपों से संबंधित" जानकारी को छोड़कर पारदर्शिता कानून के दायरे से छूट देती है।

सामयिक खबरें अंतर्राष्ट्रीय

श्रीलंका में विदेशी मुद्रा संकट


अक्टूबर 2021 में श्रीलंका ने गंभीर विदेशी मुद्रा संकट के बीच अपने कच्चे तेल की खरीद के भुगतान करने के लिए 'भारत-श्रीलंका आर्थिक साझेदारी व्यवस्था' के तहत भारत से 500 मिलियन डॉलर की ऋण सुविधा की मांग की है।

महत्वपूर्ण तथ्य: श्रीलंका के ऊर्जा मंत्री उदय गम्मनपिला द्वारा जनवरी 2022 तक ही ईंधन की मौजूदा उपलब्धता की चेतावनी के कुछ दिनों बाद यह कदम उठाया गया।

  • महामारी के कारण पर्यटन और प्रेषण से देश की कमाई पर असर पड़ने के बाद श्रीलंका एक गंभीर विदेशी मुद्रा संकट का सामना कर रहा है।
  • वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में बढ़ोतरी ने श्रीलंका को इस साल तेल आयात पर अधिक खर्च करने के लिए मजबूर किया है।
  • देश के सकल घरेलू उत्पाद में 2020 में रिकॉर्ड 3.6% का संकुचन हुआ है और जुलाई 2020 से एक साल में इसके विदेशी मुद्रा भंडार में आधे से अधिक गिरावट से यह 2.8 बिलियन डॉलर हो गया है।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप चर्चित व्यक्ति

विलियम शैटनर बने अंतरिक्ष में उड़ान भरने वाले सबसे उम्रदराज व्यक्ति


प्रतिष्ठित 'स्टार ट्रेक' सीरीज में 'कैप्टन जेम्स टी. किर्क' की भूमिका निभाने वाले 90 वर्षीय महान कनाडाई अभिनेता 'विलियम शैटनर' अंतरिक्ष में उड़ान भरने वाले सबसे उम्रदराज व्यक्ति बन गए हैं।

(Image Source: https://www.businessinsider.in/)

  • 13 अक्टूबर, 2021 को शैटनर जेफ बेजोस की स्पेसफ्लाइट कंपनी ब्लू ओरिजिन के 'न्यू शेपर्ड' एनएस-18 मिशन के चार सदस्यीय दल का हिस्सा थे।
  • पूरी तरह से स्वचालित कैप्सूल में 66.5 मील (107 किलोमीटर) की ऊंचाई पर पहुँचने के बाद, वे पैराशूट की मदद से पश्चिम टेक्सास रेगिस्तान में सुरक्षित रूप से उतरे।
  • शटनर ने 82 वर्षीय वैली फंक का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जो 20 जुलाई, 2021 को अंतरिक्ष में जाने वाली ब्लू ओरिजिन उड़ान का हिस्सा थी।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप पुरस्कार/सम्मान

लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई पुरस्कार 2021


उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने 3 अक्टूबर, 2021 को गुवाहाटी में एक विशेष समारोह में असम सरकार के द्विवार्षिक 'राष्ट्रीय एकता और राष्ट्रीय योगदान के लिए लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई पुरस्कार 2021' प्रदान किए।

(Image Source: @mygovassam Twitter)

  • पुरस्कार पाने वालों में कस्तूरबा गांधी राष्ट्रीय स्मारक ट्रस्ट की असम शाखा, जर्मनी में रहने वाले असमिया साहित्यकार डॉ. निरोद कुमार बरूआ और श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र में 'शिलांग चैंबर चोइर' (Shillong Chamber Choir) शामिल हैं।
  • पुरस्कार में प्रत्येक को पांच लाख रुपये, एक प्रशस्ति पत्र और एक अंगवस्त्रम दिया जाता है।
  • इस पुरस्कार का नाम असम के पहले मुख्यमंत्री गोपीनाथ बोरदोलोई के नाम पर रखा गया है; वे एक स्वतंत्रता सेनानी थे। उन्हें 1999 में मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप समझौते/संधि

राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन और वॉश इंस्टीट्यूट समझौता ज्ञापन


राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG) ने गंगा बेसिन के कस्बों और शहरों में मल गाद और सेप्टेज प्रबंधन मुद्दों का कुशलता के साथ समाधान करने के लिए 'मल गाद और सेप्टेज प्रबंधन' (FSSM) में क्षमता निर्माण के लिए 8 अक्टूबर, 2021 को वॉटर, सैनिटेशन एंड हाइजीन इंस्टीट्यूट (वॉश इंस्टीट्यूट) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।

(Image Source: NMCG and WASH Twitter profile)

  • परियोजना को अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय विकास एजेंसी (USAID) द्वारा वित्त पोषित किया जाएगा और ‘बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन’ द्वारा समर्थन दिया जाएगा।
  • इसका उद्देश्य भारतीय कस्बों और शहरों में 'मल गादऔर सेप्टेज प्रबंधन' और अपशिष्ट जल प्रबंधन की तैयारी में सुधार करना है।
  • प्रधानमंत्री की दूरदर्शी पहल स्वच्छ भारत मिशन के तहत 62 लाख से अधिक शौचालय बनाए गए हैं। इनमें से आधे शौचालय ऑन-साइट स्वच्छता प्रणाली पर निर्भर हैं। इन शौचालयों से एकत्रित कचरे का प्रबंधन के लिए व्यवस्थित क्षमता निर्माण की पहल करने की आवश्यकता है।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप चर्चित दिवस

विश्व मानक दिवस (14 अक्टूबर)


2021 का विषय: 'सतत विकास लक्ष्यों के लिए मानक - एक बेहतर दुनिया के लिए साझा दृष्टिकोण' (Standards for sustainable development goals - shared vision for a better world)

महत्वपूर्ण तथ्य: यह दिवस मानक विकास संगठनों के भीतर स्वैच्छिक मानकों को विकसित करने में दुनिया भर के विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों के योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए मनाया जाता है।

  • मानकीकरण की सुविधा के लिए एक वैश्विक संगठन को डिजाइन करने के लिए 14 अक्टूबर, 1946 को लंदन में 25 देशों के प्रतिनिधियों की पहली बैठक के उपलक्ष्य में इस तारीख (14 अक्टूबर) को इस दिवस के लिए चुना गया है।
  • अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संगठन (ISO) की स्थापना 1947 में की गई थी। हालाँकि, पहले विश्व मानक दिवस की औपचारिक रूप से शुरुआत 1970 में ISO के तत्कालीन अध्यक्ष फारुक सनटर द्वारा की गई थी।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप चर्चित दिवस

ग्लोबल हैंडवॉशिंग डे (15 अक्टूबर)


2021 का विषय: 'हमारा भविष्य हाथ में है - चलो एक साथ आगे बढ़ते हैं' (Our Future is at Hand – Let’s Move Forward Together)

महत्वपूर्ण तथ्य: यह दिवस बीमारियों से बचाव और जीवन को बचाने के लिए आसान, प्रभावी और किफायती तरीके से साबुन के साथ हाथ धोने की वकालत करने के लिए समर्पित है। इस दिवस की स्थापना 'ग्लोबल हैंडवॉशिंग पार्टनरशिप' (Global Handwashing Partnership) द्वारा की गई थी। पहला ग्लोबल हैंडवॉशिंग डे 2008 में आयोजित किया गया था।

  • यूनिसेफ के नवीनतम अनुमानों के अनुसार 10 में से लगभग 3 लोगों या 2.3 बिलियन लोगों के पास घर पर पानी की उपलब्धता और साबुन से हाथ धोने की सुविधा नहीं है।

संक्षिप्त खबरें संस्थान-संगठन

राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज


सुप्रीम कोर्ट ने लड़कियों को राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज (Rashtriya Indian Military College: RIMC) में प्रवेश के लिए दिसंबर 2021 में प्रवेश परीक्षा में बैठने की अनुमति दे दी है।

  • राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज एक अंतर-सेवा श्रेणी '' प्रतिष्ठान है, जिसे रक्षा मंत्रालय के तत्वावधान में सेना प्रशिक्षण कमान के माध्यम से प्रशासित किया जाता है।
  • प्रिंस ऑफ वेल्स रॉयल इंडियन मिलिट्री कॉलेज के नाम, से इसका उद्घाटन 13 मार्च, 1922 को प्रिंस ऑफ वेल्स, प्रिंस एडवर्ड VIII द्वारा किया गया था।
यह दून वैली, देहरादून में स्थित एक मिलिट्री स्कूल है। RIMC राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, भारतीय नौसेना अकादमी और बाद में भारतीय सेना के लिए एक फीडर संस्थान (feeder institution) है।

खेल समाचार फुटबॉल

'इभा': फीफा अंडर-17 महिला विश्व कप 2022 का आधिकारिक शुभंकर


फुटबॉल की वैश्विक संचालन संस्था, फीफा ने 11 अक्टूबर, 2021 को ‘फीफा अंडर-17 महिला विश्व कप 2022’ के आधिकारिक शुभंकर 'इभा' (Ibha) का अनावरण किया।

(Image Source: @MDoNER_IndiaTwitter)

  • 'इभा' महिला शक्ति का प्रतिनिधित्व करने वाली एक एशियाई शेरनी है। 'इभा' नाम मेघालय की 'खासी' भाषा से लिया गया है जिसका अर्थ है 'अच्छी दृष्टि या निर्णय वाला' (one with good vision or judgement)।
  • इभा का उद्देश्य भारत और दुनिया भर में महिलाओं और लड़कियों को उनकी क्षमता का एहसास करने के लिए प्रेरित करना है।
  • अंडर-17 महिला विश्व कप टूर्नामेंट अगले साल 11-30 अक्टूबर के बीच भारत में होगा।

पीआईबी न्यूज अंतरराष्ट्रीय

अफगानिस्तान पर जी-20 असाधारण शिखर सम्मेलन


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 अक्टूबर, 2021 को अफगानिस्तान पर जी-20 असाधारण शिखर सम्मेलन में आभासी माध्यम में हिस्सा लिया।

महत्वपूर्ण तथ्य: यह बैठक वर्तमान में जी-20 की अध्यक्षता कर रहे इटली द्वारा बुलाई गई थी, इस शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता इटली के प्रधानमंत्री मारियो ड्रैगी ने की।

  • प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले दो दशकों में, अफगानिस्तान में युवाओं और महिलाओं के सामाजिक-आर्थिक विकास और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने में भारत के योगदान का उल्लेख किया।
  • भारत द्वारा अफगानिस्तान में 500 से अधिक विकास परियोजनाओं को लागू किया गया है।
  • उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अफगानिस्तान को मानवीय सहायता के लिए तत्काल और निर्बाध पहुंच सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
  • प्रधानमंत्री ने इस क्षेत्र में कट्टरपंथ, आतंकवाद और नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी के गठजोड़ के खिलाफ साझा लड़ाई की आवश्यकता पर जोर दिया।
  • उन्होंने अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र की महत्वपूर्ण भूमिका के लिए समर्थन व्यक्त किया और अफगानिस्तान पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के ‘प्रस्ताव 2593’ में निहित संदेश के लिए जी-20 के नए समर्थन का आह्वान किया।

सामयिक खबरें विज्ञान-प्रौद्योगिकी

री-सर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम तकनीक


जम्मू-कश्मीर में अपनी तरह की पहली परियोजना के रूप में, अवंतीपोरा में 9 अक्टूबर, 2021 को केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी, राज्य मंत्री डॉ. एल मुरुगन ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत निजी क्षेत्र में इंद्रधनुषी मछ्ली पालन के लिए ‘री-सर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम (आरएएस) तकनीक’ (Re-circulatory Aquaculture Systems: RAS technology) का उद्घाटन किया।

महत्वपूर्ण तथ्य: रीसर्क्युलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम (आरएएस) एक ऐसी तकनीक है, जहां यांत्रिक और जैविक निस्पंदन तथा निलंबित पदार्थ और मेटाबोलाइट्स को हटाने के बाद पानी का पुनर्नवीनीकरण और पुन: उपयोग किया जाता है।

  • इस पद्धति का उपयोग मछली की विभिन्न प्रजातियों की उच्च घनत्व वाली प्रजाति के लिए किया जाता है, जिसमें न्यूनतम भूमि क्षेत्र और पानी का उपयोग होता है।
  • खुले तालाबों में बाहर मछली उगाने की पारंपरिक पद्धति के बजाय, इस प्रणाली में मछलियों को आमतौर पर नियंत्रित वातावरण में इनडोर/आउटडोर टैंकों में पाला जाता है।
  • रीसर्क्युलेटिंग सिस्टम पानी को वापस फिश कल्चर टैंक (fish culture tanks) में पुनर्चक्रीकृत करके फिल्टर और साफ करता है।

सामयिक खबरें पर्यावरण

भारत फसल जलाने से संबंधित उत्सर्जन में विश्व स्तर पर शीर्ष पर


जलवायु प्रौद्योगिकी स्टार्टअप 'ब्लू स्काई एनालिटिक्स' (Blue Sky Analytics) द्वारा अक्टूबर 2021 में जारी एक नई रिपोर्ट के अनुसार, 2015-2020 की अवधि के दौरान फसल जलाने से संबंधित उत्सर्जन में कुल वैश्विक उत्सर्जन में 13% योगदान के साथ भारत शीर्ष पर है।

महत्वपूर्ण तथ्य: 2016 और 2019 के बीच रिपोर्ट फसल जलने की घटनाओं में गिरावट की प्रवृत्ति की पुष्टि करती है, जिसमें ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में 11.39% की कमी दर्ज की गई है।

  • हालाँकि, रिपोर्ट में 2019-20 में उत्सर्जन में 12.8% की वृद्धि का उल्लेख किया गया है, जिससे 2020 में भारत का वैश्विक उत्सर्जन में योगदान 12.2% हो गया है।
  • भारतीय जलवायु प्रौद्योगिकी स्टार्टअप ब्लू स्काई एनालिटिक्स वैश्विक गठबंधन ' क्लाइमेट ट्रेस' (Climate TRACE) का हिस्सा है।
  • ब्लू स्काई एनालिटिक्स की स्थापना एक आईआईटी की पूर्व छात्रा अभिलाषा पुरवार द्वारा की गई थी, जो इसकी सीईओ भी हैं।
  • क्लाइमेट ट्रेस स्वतंत्र उच्च-रिजॉल्यूशन और निकट-रियल टाइम ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन डेटा प्रदान करके जलवायु कार्रवाई में तेजी लाने के मिशन के साथ एक वैश्विक गठबंधन है।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप पुरस्कार/सम्मान

अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार 2021


11 अक्टूबर, 2021 को अमेरिका के अर्थशास्त्री डेविड कार्ड (David Card), जोशुआ एंग्रिस्ट (Joshua Angrist) और गुइडो इम्बेन्स (Guido Imbens) को आर्थिक नीति और अन्य घटनाओं के कारण प्रभावों को समझने के लिए "प्राकृतिक प्रयोगों" (natural experiments) के उपयोग के लिए 2021 के अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

(Image Source: Nobel Prize Twitter)

  • कनाडा में जन्मे कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, बर्कले के डेविड कार्ड को 'श्रम अर्थशास्त्र में उनके अनुभवजन्य योगदान' के लिए पुरस्कार का आधा हिस्सा दिया गया।
  • जबकि अन्य आधा हिस्सा मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के जोशुआ एंगिस्ट और नीदरलैंड्स में जन्मे स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के गुइडो इम्बेन्स को 'कारण संबंधों के विश्लेषण में उनके पद्धतिगत योगदान के लिए' (for their methodological contributions to the analysis of causal relationships) दिया गया।
  • प्राकृतिक प्रयोग क्या है? ‘प्राकृतिक प्रयोग’ वास्तविक जीवन की परिस्थितियों का उपयोग दुनिया पर प्रभाव का पता लगाने के लिए करते हैं।
  • अध्ययन का निष्कर्ष: डेविड कार्ड ने प्राकृतिक प्रयोगों का उपयोग करते हुए न्यूनतम मजदूरी, आप्रवास (immigration) और शिक्षा के श्रम बाजार प्रभावों का विश्लेषण किया है। उन्होंने पाया कि न्यूनतम वेतन में वृद्धि का कर्मचारियों की संख्या पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।
  • एक देश में पैदा हुए लोगों की आय नए आप्रवासन (immigration) से लाभान्वित हो सकती है।
  • जोशुआ एंग्रिस्ट और गुइडो इम्बेन्स ने यह प्रदर्शित किया कि प्राकृतिक प्रयोगों से कारण और प्रभाव के बारे में कैसे सटीक निष्कर्ष निकाले जा सकते हैं।
  • अन्य तथ्य: एलिनोर ऑस्ट्रोम (2009) अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार जीतने वाली पहली महिला हैं।
  • एस्थर डफ्लो (2019) में अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार जीतने वाली दूसरी महिला हैं। एस्थर अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार जीतने वाली सबसे युवा विजेता भी हैं।
  • औपचारिक रूप से इस पुरस्कार का नाम 'अल्फ्रेड नोबेल की स्मृति में आर्थिक विज्ञान में स्वेरिगेस रिक्सबैंक पुरस्कार' (The Sveriges Riksbank Prize in Economic Sciences in Memory of Alfred Nobel) है।

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ब्रिजमेनाइट


हाल ही में कुछ शोधकर्त्ताओं ने नागपुर के कटोल से प्राप्त एक उल्कापिंड का अध्ययन किया है। 22 मई, 2012 को कटोल शहर के पास एक बड़ी उल्का बौछार हुई थी।

  • प्रारंभिक अध्ययनों से पता चला था कि मेजबान चट्टान मुख्य रूप से एक ऑलिव ग्रीन खनिज 'ऑलिवाइन' (Olivine) से बना था। हमारी पृथ्वी के ऊपरी मेंटल में ऑलिवाइन सबसे प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।
  • अब, इन उल्कापिंडों के टुकड़ों की संरचना का अध्ययन करके, शोधकर्ताओं ने पृथ्वी के निचले मेंटल में लगभग 660 किमी. गहराई में इस प्रकार के खनिज के मौजूद होने की सम्भावना व्यक्त की है।
  • अक्टूबर 2021 में प्रकाशित शोध पत्र PNAS में पहली बार 'ब्रिजमेनाइट' (bridgmanite) नामक खनिज की पहली प्राकृतिक घटना को रिपोर्ट किया गया है।
  • खनिज का नाम 2014 में प्रोफेसर पर्सी डब्ल्यू ब्रिजमैन के नाम पर रखा गया था, जिन्हें भौतिकी में 1946 का नोबेल पुरस्कार मिला था।
  • विभिन्न कम्प्यूटेशनल और प्रायोगिक अध्ययनों से पता चला है कि पृथ्वी के निचले हिस्से का लगभग 80% हिस्सा ब्रिजमेनाइट से बना है।
  • इस उल्कापिंड के नमूने का अध्ययन करके, वैज्ञानिक यह समझ सकते हैं कि हमारी पृथ्वी के निर्माण के अंतिम चरणों के दौरान ब्रिजमैनाइट कैसे क्रिस्टलीकृत हुआ।

राज्य समाचार मध्य प्रदेश

मुख्यमंत्री राशन आपके द्वार योजना


मध्य प्रदेश सरकार ने नवंबर 2021 से राज्य में 'मुख्यमंत्री राशन आपके द्वार योजना' को लागू करने की घोषणा की है।

उद्देश्य: दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिकों को उनके घर पर राशन सामग्री उपलब्ध कराना।

  • योजना के तहत गरीब आदिवासी परिवारों की सुविधा के लिए उन गांवों में वाहनों से राशन पहुंचाया जाएगा, जहां सस्ते गल्ले की दुकानें (fair price shops) नहीं हैं।
  • यह योजना उप-चुनाव निर्वाचन आचार संहिता के जिलों को छोड़कर शेष जिलों के आदिवासी विकासखण्डों में लागू की जाएगी।
  • इस योजना से 16 जिलों के 74 विकासखंडों के लगभग 7511 गांवों के आदिवासी परिवारों को लाभ मिलेगा।
  • एक माह में औसतन 22 से 25 दिन तक एक वाहन द्वारा 220 से 440 क्विंटल राशन वितरित किया जाएगा। इस योजना के तहत कुल 14.7 करोड़ रुपए का व्यय होगा।

राज्य समाचार मध्य प्रदेश

एमएसएमई विकास नीति 2021


16 अक्टूबर, 2021 को मध्य प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मध्यप्रदेश सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग ने उद्योगों को पुनर्जीवित करने के लिए नई 'एमएसएमई विकास नीति 2021' घोषित की है।

  • नीति के तहत नई उन खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को कई प्रकार की सहायता, सुविधाएं प्रदान की जाएंगी, जिनमें मशीनरी-संयंत्र में 10 करोड़ रुपये से अधिक और 50 करोड़ रुपये तक का निवेश किया गया हो।
  • विद्युत उपभोग सहायता के अंतर्गत प्रचलित विद्युत टैरिफ में नया कनेक्शन प्राप्त करने पर उच्च दबाव वाले उपभोक्ताओं को एक रुपये प्रति यूनिट अथवा 20%, जो भी कम हो, की छूट प्रदान की जाएगी।
  • सभी पात्र खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को संयंत्र और मशीनरी में निवेश के अधिकतम 50% राशि तक या मंडी शुल्क में पांच साल की अवधि के लिए, जो भी कम हो, छूट दी जाएगी। शुल्क से छूट की यह सुविधा केवल उन्हीं इकाइयों को मिलेगी, जो राज्य की कृषि उपजों का क्रय करेंगी। ।
  • राज्य में ‘अधोसंरचना विकास सहायता’ (infrastructure development assistance) के तहत खाद्य प्रसंस्करण परियोजनाओं की स्थापना को प्रोत्साहित करने और अधोसंरचना में सुधार के लिए परियोजना लागत का 15% और अधिकतम 5 करोड़ रुपए की राशि मेगा फूड पार्क की स्थापना हेतु निजी क्षेत्र को दिए जाएंगे। यह सहायता विकसित पार्क में न्यूनतम 10 इकाइयों की स्थापना पर देय होगी।

राज्य समाचार तमिलनाडु

करुप्पुर कलमकारी पेंटिंग और कल्लाकुरिची लकड़ी की नक्काशी को जीआई टैग


अक्टूबर 2021 में तमिलनाडु के, पारंपरिक डाई-पेंटेड (dye -painted) आलंकारिक और पैटर्न वाले कपड़े 'करुप्पुर कलमकारी पेंटिंग' (Karuppur kalamkari paintings) और कल्लाकुरिची की लकड़ी की नक्काशी (wood carvings of Kallakurichi) को भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग प्राप्त हुआ है।

(Image Source: Indian Express)

  • कलमकारी पेंटिंग: यह शुद्ध सूती कपड़े पर की जाती है, जो मुख्य रूप से मंदिरों में छाता कवर और रथ कवर के लिए उपयोग की जाती हैं।
  • पेंटिंग एक सूती कपड़े पर बांस के पेड़ और नारियल के पेड़ के तनों से बने पेन या ब्रश का उपयोग करके जटिल रूप से बनाई जाती हैं।
  • कलमकारी पेंटिंग अरियालुर जिले के करुप्पुर एवं उसके आसपास के गांवों में और तंजावुर जिले में की जाती है।
  • दस्तावेजी साक्ष्यों से पता चलता है कि कलमकारी पेंटिंग 17वीं शताब्दी की शुरुआत में नायक शासकों के संरक्षण में विकसित हुई।
  • कल्लाकुरिची लकड़ी की नक्काशी: यह लकड़ी की नक्काशी का एक अनूठा रूप है, जिसमें शिल्पकारों द्वारा पारंपरिक शैलियों से प्राप्त अलंकरण और डिजाइनों का उपयोग किया जाता है।
  • इस लकड़ी की नक्काशी में शिल्पकार पारंपरिक डिजाइनों का उपयोग करके मंदिर से संबंधित वस्तुओं और फर्नीचर को भी तराशने में माहिर होते हैं।
  • कल्लाकुरिची लकड़ी की नक्काशी मुख्य रूप से कल्लाकुरिची जिले के कल्लाकुरिची, चिन्नासेलम और थिरुकोविलूर तालुकों में प्रचलित है।
  • लकड़ी की नक्काशी का यह कौशल एक स्वदेशी कला के रूप में तब विकसित हुआ, जब 'मदुरै' प्राचीन काल में विभिन्न राजशाही शासनों के तहत एक महत्वपूर्ण शहर था।