सूचना का अधिकार अधिनियम की प्रयोज्यता


अक्टूबर 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट को निर्देश दिया है कि वह सरकार के खुफिया और सुरक्षा संगठनों पर सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम की प्रयोज्यता तय करे।

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महत्वपूर्ण तथ्य: जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस एएस बोपन्ना की पीठ ने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकारी विभाग पर आरटीआई अधिनियम लागू न होने की उसकी आपत्ति पर फैसला किए बिना निर्देश जारी किया था।

  • शीर्ष अदालत उच्च न्यायालय के 2018 के उस फैसले के खिलाफ केंद्र द्वारा दायर एक अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें विभाग को 15 दिनों के भीतर कर्मचारी को सूचना प्रदान करने का निर्देश दिया गया था।
  • केंद्र की ओर से पेश हुए वकील ने हाईकोर्ट को बताया था कि जिस विभाग से सूचना मांगी गई है, उसे आरटीआई एक्ट, 2005 की धारा 24(1) के तहत छूट दी गई है।
  • आरटीआई अधिनियम की धारा 24 कुछ खुफिया और सुरक्षा संगठनों को "भ्रष्टाचार और मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोपों से संबंधित" जानकारी को छोड़कर पारदर्शिता कानून के दायरे से छूट देती है।