सामयिक - 01 August 2026
प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना (PM-SSY) को मंजूरी
31 जुलाई, 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना (PM-SSY) को मंजूरी दी। यह फ्लोटिंग सोलर फोटोवोल्टिक (FSPV) परियोजनाओं तथा ऊर्जा भंडारण प्रणाली (ESS) के विकास हेतु ₹5,070 करोड़ की कुल परिव्यय वाली एक केंद्रीय क्षेत्र योजना है।
मुख्य बिंदु
- उद्देश्य: इसका उद्देश्यवित्त वर्ष 2030–31 तक 5,000 मेगावाट फ्लोटिंग सौर क्षमता तथा10,000 मेगावाट-घंटे (MWh) ऊर्जा भंडारण क्षमता का विकास करना है।
- परियोजना का दायरा: योजना के अंतर्गत5,000 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर क्षमता तथा10,000 मेगावाट-घंटे ऊर्जा भंडारण क्षमता विकसित की जाएगी। परियोजनाएँ वित्त वर्ष 2026–27 से 2030–31 के बीच स्वीकृत होंगी।
- वित्तीय सहायता: पात्र परियोजनाओं को सफल कमीशनिंग के बाद ₹1 करोड़ प्रति मेगावाट केंद्रीय वित्तीय सहायता (CFA) मिलेगी। व्यवहार्यता एवं पर्यावरणीय अध्ययन हेतु ₹50 लाख प्रति परियोजनातक सहायता भी उपलब्ध होगी।
- संभावित लाभ: योजना से देश की फ्लोटिंग सौर क्षमता 5,700 मेगावाट तक पहुँचेगी, प्रतिवर्ष लगभग1 करोड़ टन CO₂ उत्सर्जन में कमी आएगी तथा16,000–17,000 रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
- महत्त्व: यह योजना जलाशयों एवं अन्य अंतर्देशीय जल निकायों का प्रभावी उपयोग कर स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देगी, ग्रिड की विश्वसनीयता बढ़ाएगी तथा आत्मनिर्भर भारतएवं विकसित भारत के लक्ष्यों को गति प्रदान करेगी।
राष्ट्रीय अपतटीय अन्वेषण योजना ‘समुद्र मंथन’ को मंजूरी
31 जुलाई, 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की केंद्रीय क्षेत्र की योजना ‘समुद्र मंथन’–राष्ट्रीय अपतटीय अन्वेषण योजना को वित्त वर्ष 2030-31 तक के लिए 84,084 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ मंजूरी दी। इस योजना का उद्देश्य अपतटीय तेल एवं गैस अन्वेषण को गति देना तथा भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करना है।
मुख्य बिंदु
- समग्र अपतटीय विकास: इस योजना में अपतटीय अन्वेषण की संपूर्ण मूल्य शृंखला को शामिल किया गया है, जिसमें उच्च-गुणवत्ता वाले भूकंपीय आँकड़ों का संग्रहण, प्रसंस्करण एवं विश्लेषण, गहरे एवं अति-गहरे समुद्री क्षेत्रों में अन्वेषण ड्रिलिंग, सीमांत बेसिनों में वैज्ञानिक ड्रिलिंग, साझा अपतटीय उत्पादन एवं निकासी अवसंरचना का विकास तथा एकीकृत ऑयल एंड गैस मैन्युफैक्चरिंग एंड सर्विसेज़ ज़ोन की स्थापना शामिल है।
- प्रौद्योगिकी एवं क्षमता निर्माण: योजना में डिजिटल कार्यक्रम प्रबंधन, क्षमता निर्माण, उन्नत प्रौद्योगिकी अपनाने, हितधारकों की सहभागिता तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं।
- अपेक्षित परिणाम: इस योजना से600 मिलियन मीट्रिक टन ऑयल इक्विवेलेंट (MMTOE) से अधिक नए भंडार जुड़ने, घरेलू तेल एवं गैस उत्पादन में वृद्धि, बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन, मेक इन इंडियाएवं आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा मिलने तथा अन्वेषण एवं उत्पादन क्षेत्र में व्यापक निवेश आकर्षित होने की अपेक्षा है।
- महत्त्व: अपस्ट्रीम क्षेत्र में किए गए हालिया सुधारों के आधार पर ‘समुद्र मंथन’ भारत की अपतटीय ऊर्जा क्षमता का दोहन करने, ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाने, अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के उपयोग को बढ़ावा देने तथा विश्वस्तरीय अपतटीय अवसंरचना के विकास की दिशा में एक परिवर्तनकारी पहल सिद्ध होगी।
सामयिक खबरें विधेयक एवं अधिनियम
जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026
31 जुलाई, 2026 को लोक सभा ने जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित किया। यह विधेयक जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 में संशोधन करने के लिए लाया गया है। इसका उद्देश्य विलंबित पंजीकरण से संबंधित प्रावधानों को अधिक कठोर बनाना तथा जन्म एवं मृत्यु की घटनाओं की समय पर सूचना देने को प्रोत्साहित करना है।
मुख्य बिंदु
- विलंबित पंजीकरण के लिए कड़े प्रावधान: यदि जन्म या मृत्यु की सूचना एक वर्ष से अधिक लेकिन दो वर्ष के भीतर दी जाती है, तो उसका पंजीकरण केवलजिला मजिस्ट्रेट (DM), उप-खण्ड मजिस्ट्रेट (SDM) अथवा जिला मजिस्ट्रेट द्वारा अधिकृत कार्यपालक मजिस्ट्रेट की स्वीकृति तथा घटना की प्रामाणिकता के सत्यापन के बाद ही किया जाएगा।
- दो वर्ष से अधिक विलंब पर न्यायिक अनुमति: यदि जन्म या मृत्यु की सूचना दो वर्ष से अधिक समय बाद दी जाती है, तो उसका पंजीकरण केवल प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट (Judicial Magistrate First Class) के आदेश पर ही किया जा सकेगा।
- प्रामाणिकता का सत्यापन अनिवार्य: विधेयक के अनुसार, विलंबित पंजीकरण की अनुमति देने से पूर्व संबंधित प्राधिकृत अधिकारी द्वारा जन्म अथवा मृत्यु कीप्रामाणिकता का सत्यापन करना अनिवार्य होगा।
- महत्त्व: भारत में जन्म एवं मृत्यु का पंजीकरण अनिवार्य है तथा इसके आधार पर जारी प्रमाण-पत्र किसी व्यक्ति की वैधानिक पहचान (Legal Identity) का महत्त्वपूर्ण दस्तावेज़ होता है।
| हाल ही में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना (PM-SSY) के क्रियान्वयन के लिए कुल कितनी वित्तीय राशि स्वीकृत की गई है? -- प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना (PM-SSY) के क्रियान्वयन के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कुल ₹5,070 करोड़ की वित्तीय राशि स्वीकृत की है |
| हाल ही में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत ‘समुद्र मंथन’– राष्ट्रीय अपतटीय अन्वेषण योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है? -- अपतटीय तेल एवं गैस अन्वेषण में तेजी लाना तथा भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करना |
| हाल ही में लोक सभा द्वारा पारित जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 का मुख्य उद्देश्य क्या है? -- विलंबित पंजीकरण से संबंधित प्रावधानों को अधिक कठोर बनाना तथा जन्म एवं मृत्यु की घटनाओं की समय पर सूचना देने को प्रोत्साहित करना |
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