सामयिक - 12 May 2026

सामयिक खबरें राष्ट्रीय

'सेहत’ मिशन का शुभारंभ


11 मई, 2026 को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा तथा केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘सेहत’ (SEHAT: Science Excellence for Health through Agricultural Transformation) मिशन का शुभारंभ किया।

मुख्य बिंदु

  • उद्देश्य: SEHAT मिशन का उद्देश्य कृषि नवाचारों के माध्यम से पोषण, स्वास्थ्य तथा रोग-निवारण संबंधी परिणामों में सुधार करना है।
  • संयुक्त पहल: यह मिशन भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के बीच एक सहयोगात्मक प्रयास है।
  • स्वास्थ्य सेवा दृष्टिकोण में बदलाव: यह पहल भारत के प्रतिक्रियाशील स्वास्थ्य सेवा मॉडल से निवारक और समग्र सार्वजनिक स्वास्थ्य रणनीति में बदलाव को दर्शाती है।
  • बायोफोर्टिफाइड फसलों पर ध्यान: SEHAT का उद्देश्य कुपोषण से निपटने और पोषण सुरक्षा में सुधार करने के लिए पोषक तत्वों से भरपूर और बायोफोर्टिफाइड फसल किस्मों को विकसित करना है।
  • एकीकृत कृषि प्रणालियां: यह मिशन आहार विविधता, किसानों की आय और जलवायु लचीलापन बढ़ाने के लिए विविध कृषि प्रणालियों को बढ़ावा देता है।
  • कृषि में व्यावसायिक स्वास्थ्य: कृषि श्रमिकों के समक्ष आने वाले व्यावसायिक स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
  • गैर-संचारी रोगों से निपटना: यह कार्यक्रम कार्यात्मक खाद्य पदार्थों और पोषण की दृष्टि से बेहतर फसलों के माध्यम से बीमारियों की रोकथाम और प्रबंधन के लिए कृषि-आधारित हस्तक्षेपों का समर्थन करता है।
  • वन हेल्थ दृष्टिकोण: SEHAT मानव, पशु एवं पर्यावरणीय स्वास्थ्य के बीच संबंधों पर आधारित एकीकृत निगरानी एवं अनुसंधान को सुदृढ़ करेगा।
  • रणनीतिक महत्त्व: यह मिशन भारत की कृषि प्रणाली को दीर्घकालिक पोषण, स्वास्थ्य एवं कल्याण लक्ष्यों के अनुरूप बनाने का प्रयास करता है।

सामयिक खबरें राष्ट्रीय

बेंच-बार विवाद समाधान समितियां गठित करने का निर्देश


11 मई, 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने देश भर में न्यायाधीशों और वकीलों के बीच विवादों को सौहार्द्रपूर्ण ढंग से सुलझाने के लिए सभी उच्च न्यायालयों को शिकायत निवारण समितियां स्थापित करने का निर्देश दिया।

मुख्य बिंदु

  • सुप्रीम कोर्ट का निर्देश: पीठ ने उच्च न्यायालय, जिला तथा तालुका स्तर पर शिकायत निवारण समितियों के गठन का आह्वान किया।
  • समितियों का उद्देश्य: समितियों का उद्देश्य संस्थागत और सौहार्द्रपूर्ण तंत्र के माध्यम से बेंच और बार के बीच के मुद्दों को हल करना है।
  • मामले की पृष्ठभूमि: यह निर्देश आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश एवं एक युवा अधिवक्ता से संबंधित वायरल वीडियो पर दायर याचिकाओं की सुनवाई के दौरान दिया गया।
  • उच्च न्यायालय की रिपोर्ट: सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट ने इस मामले में उठाई गई चिंताओं को काफी हद तक संबोधित किया है।
  • आंतरिक स्तर पर समाधान: न्यायालय ने उल्लेख किया कि सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित होने से पूर्व ही संबंधित पक्षों के बीच विवाद का समाधान हो चुका था।
  • युवा वकीलों के प्रति संवेदनशीलता: पीठ ने कहा कि विशेषकर निचली अदालतों में न्यायाधीशों को कनिष्ठ अधिवक्ताओं के प्रति धैर्य, संवेदनशीलता एवं प्रोत्साहन का व्यवहार अपनाना चाहिए।
  • उन्मुखीकरण कार्यक्रम: न्यायालय ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) और राज्य बार काउंसिलों को युवा वकीलों के लिए संरचित उन्मुखीकरण कार्यक्रम (Orientation Programmes) आयोजित करने के लिए कहा।

सामयिक खबरें राष्ट्रीय

SC ने जमानत याचिकाओं के शीघ्र निस्तारण हेतु उपाय सुझाए


11 मई, 2026 को सर्वोच्च न्यायालय ने उच्च न्यायालयों में लंबित जमानत याचिकाओं के त्वरित निपटारे के लिए कई उपाय सुझाए तथा संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत व्यक्तिगत स्वतंत्रता के संरक्षण के महत्त्व पर बल दिया।

मुख्य बिंदु

  • जमानत याचिकाओं की स्वचालित सूचीबद्धता: न्यायालय ने नियमित एवं अग्रिम जमानत याचिकाओं की स्वचालित तथा आवधिक सूचीबद्धता की सिफारिश की, ताकि सुनवाई में होने वाली देरी कम हो सके।
  • निपटारे की समय सीमा: पीठ ने उच्च न्यायालयों में जमानत याचिकाओं के निपटारे हेतु एक निश्चित बाह्य समय-सीमा निर्धारित करने का सुझाव दिया।
  • सॉफ्टवेयर आधारित सूची प्रणाली: न्यायालय ने तकनीक-संचालित प्रणाली के माध्यम से जमानत मामलों को साप्ताहिक अथवा पाक्षिक आधार पर सूचीबद्ध करने का सुझाव दिया।
  • कार्यसूची में प्राथमिकता: समयबद्ध सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए जमानत याचिकाओं को न्यायालय की कार्यसूची (Cause List) में प्राथमिकता दिए जाने की बात कही गई।
  • लंबित मामलों पर चिंता: सर्वोच्च न्यायालय ने विशेष रूप से इलाहाबाद उच्च न्यायालय एवं पटना उच्च न्यायालय में जमानत मामलों की अधिक लंबित संख्या पर चिंता व्यक्त की।
  • अनावश्यक स्थगन से परहेज: न्यायालय ने कहा कि सरकारी वकीलों द्वारा अनावश्यक स्थगन (Adjournment) से बचा जाना चाहिए।
  • व्यक्तिगत स्वतंत्रता का संरक्षण: पीठ ने दोहराया कि अनुच्छेद 21 के अंतर्गत व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा करना न्यायालयों का संवैधानिक दायित्व है।
  • NDPS मामलों पर विशेष ध्यान: न्यायालय ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्स्टेंसेस (NDPS) से जुड़े मामलों में समय पर फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला रिपोर्ट उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया।
  • पीड़ितों की भागीदारी: जांच अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि पीड़ितों की न्यायिक कार्यवाही में प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित की जाए तथा उन्हें विधिक प्रतिनिधित्व उपलब्ध कराया जाए।

सामयिक खबरें अंतर्राष्ट्रीय

भारत-जापान आर्थिक सुरक्षा संवाद का आयोजन


11 मई, 2026 को भारत और जापान ने नई दिल्ली में द्वितीय भारत-जापान आर्थिक सुरक्षा संवाद (India–Japan Economic Security Dialogue) आयोजित किया, जिसका उद्देश्य रणनीतिक एवं उभरते क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करना था।

मुख्य बिंदु

  • संस्थागत रूपरेखा: यह संवाद वर्ष 2025 में टोक्यो में आयोजित 15वें भारत–जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान घोषित ‘आर्थिक सुरक्षा पहल’ (Economic Security Initiative) के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है।
  • प्रमुख फोकस क्षेत्र: संवाद में क्रिटिकल मिनरल्स, सेमीकंडक्टर्स, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT), कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), दूरसंचार प्रौद्योगिकी, स्वच्छ ऊर्जा तथा फार्मास्यूटिकल्स जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया।
  • मुख्य उद्देश्य: इस पहल का उद्देश्य सुदृढ़ आपूर्ति श्रृंखलाओं का निर्माण, औद्योगिक एवं प्रौद्योगिकीय सहयोग को बढ़ावा देना तथा भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करना है।
  • रणनीतिक महत्त्व: यह संवाद भारत-जापान रणनीतिक साझेदारी के निरंतर सुदृढ़ीकरण को दर्शाता है। साथ ही यह विश्वसनीय प्रौद्योगिकी, आपूर्ति श्रृंखला लचीलापन तथा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में आर्थिक एवं तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।

सामयिक खबरें राष्ट्रीय

केंद्र ने VB-G RAM G अधिनियम के कार्यान्वयन को अधिसूचित किया


11 मई, 2026 को केंद्र सरकार ने ‘विकसित भारत - रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) [VB–G RAM G] अधिनियम, 2025’ के कार्यान्वयन को अधिसूचित किया।

मुख्य बिंदु

  • नई ग्रामीण रोजगार रूपरेखा: VB–G RAM G अधिनियम 1 जुलाई, 2026 से लागू होगा तथा यह महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005 (MGNREGA) का स्थान लेगा।
  • रोजगार की गारंटी: अधिनियम के तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को प्रतिवर्ष 125 दिनों के मजदूरी आधारित रोजगार की गारंटी दी जाएगी, जो वर्तमान MGNREGA के 100 दिनों से अधिक है।
  • मुख्य उद्देश्य: इसका उद्देश्य एकीकृत एवं उत्पादकता-आधारित ग्रामीण विकास को बढ़ावा देना तथा ‘विकसित भारत @2047’ की परिकल्पना के अनुरूप ग्रामीण परिवर्तन को गति देना है।
  • बजटीय आवंटन: वित्त वर्ष 2026–27 हेतु ₹95,692.31 करोड़ आवंटित किए गए हैं, जो ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम के लिए अब तक का सर्वाधिक आवंटन है। राज्य अंशदान सहित कुल व्यय ₹1.51 लाख करोड़ से अधिक रहने की संभावना है।
  • मजदूरी भुगतान तंत्र: भुगतान प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से बैंक अथवा डाकघर खातों में किया जाएगा। साप्ताहिक भुगतान अथवा 15 दिनों के भीतर भुगतान अनिवार्य होगा तथा देरी होने पर क्षतिपूर्ति का प्रावधान रहेगा।
  • MGNREGA से संक्रमण: वर्तमान परियोजनाएं 30 जून, 2026 तक बिना किसी व्यवधान के जारी रहेंगी तथा चल रहे कार्यों को नए अधिनियम के अंतर्गत आगे बढ़ाया जाएगा।
  • प्रमुख फोकस क्षेत्र: अधिनियम ग्रामीण आजीविका सुरक्षा, ग्रामीण आय वृद्धि, ग्रामीण अवसंरचना निर्माण तथा ग्राम पंचायतों की भूमिका को सुदृढ़ करने पर केंद्रित है।

सामयिक खबरें सूचकांक एवं रिपोर्ट

भारत की GDP वृद्धि दर 6.6% रहने का अनुमान: SBI


11 मई, 2026 को भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की रिसर्च रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2026–27 के लिए भारत की GDP वृद्धि दर 6.6% रहने का अनुमान व्यक्त किया गया। रिपोर्ट में वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं एवं भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को रेखांकित किया गया।

मुख्य बिंदु

  • वित्त वर्ष (FY) 2026 में मजबूत प्रदर्शन: वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7.5% रहने का अनुमान है, जिसमें चौथी तिमाही (Q4) की वृद्धि दर लगभग 7.2% रहने की संभावना है।
  • आर्थिक लचीलापन: रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक झटकों और बाह्य बाधाओं के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था लचीली बनी हुई है।
  • ग्रामीण उपभोग में मजबूती: कृषि एवं गैर-कृषि गतिविधियों में सकारात्मक प्रदर्शन के कारण ग्रामीण मांग मजबूत बनी हुई है।
  • शहरी उपभोग में सुधार: सरकारी राजकोषीय उपायों के समर्थन से त्योहारी मौसम के बाद से शहरी उपभोग में लगातार सुधार दर्ज किया गया है।
  • बैंक ऋण वृद्धि: अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (SCB) की ऋण वृद्धि वित्त वर्ष 25 में 11% की तुलना में वित्त वर्ष 26 में बढ़कर 16.1% हो गई।
  • दूसरी छमाही में ऋण का तीव्र विस्तार: FY26 की दूसरी छमाही में अतिरिक्त ऋण वृद्धि तेज होकर ₹24.5 लाख करोड़ तक पहुंच गई।
  • जीएसटी-आधारित खपत को बढ़ावा: सरकारी व्यय तथा GST से संबंधित उपभोग समर्थन ने आर्थिक गतिविधियों एवं ऋण मांग को बढ़ावा दिया।
  • FY27 के लिए ऋण परिदृश्य: SBI ने FY27 के दौरान बैंक ऋण वृद्धि दर 13–14% के बीच मजबूत बने रहने का अनुमान व्यक्त किया है।
  • कच्चे तेल की कीमतों का प्रभाव: रिपोर्ट में चेतावनी दी गई कि कच्चे तेल की कीमतों में प्रति बैरल 10 डॉलर की वृद्धि से मुद्रास्फीति बढ़ सकती है तथा भारत का चालू खाता घाटा (Current Account Deficit- CAD) विस्तृत हो सकता है।
  • विकास के चालक के रूप में घरेलू मांग: रिपोर्ट में घरेलू खपत को मुख्य कारक के रूप में पहचाना गया है जो पश्चिम एशिया में तनाव सहित वैश्विक संकटों के बावजूद भारत के विकास को बनाए रखे हुए है।

सामयिक खबरें सूचकांक एवं रिपोर्ट

शहरी बेरोजगारी घटकर 6.6% हुई: PLFS


11 मई, 2026 को केंद्र सरकार ने आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) के नवीनतम आंकड़े जारी किए, जिनके अनुसार जनवरी-मार्च 2026 तिमाही के दौरान 15 वर्ष एवं उससे अधिक आयु वर्ग के व्यक्तियों के लिए शहरी बेरोजगारी दर घटकर 6.6% हो गई, जबकि ग्रामीण बेरोजगारी बढ़कर 4.3% दर्ज की गई।

मुख्य बिंदु

  • श्रम बल भागीदारी दर (LFPR): समग्र श्रम बल भागीदारी दर 55.5% रही, जो अक्टूबर–दिसंबर 2025 तिमाही के 55.8% से थोड़ी कम है।
  • शहरी एवं ग्रामीण LFPR: शहरी LFPR मामूली गिरावट के साथ 50.2% तथा ग्रामीण LFPR घटकर 58.2% दर्ज की गई।
  • महिला श्रम भागीदारी: समग्र महिला LFPR लगभग स्थिर रहते हुए 34.7% रही। ग्रामीण महिला LFPR 39.2% तथा शहरी महिला LFPR 25.4% दर्ज की गई।
  • श्रमिक जनसंख्या अनुपात (WPR): कुल WPR पिछली तिमाही के 53.1% से थोड़ा कम होकर 52.8% हो गया।
  • ग्रामीण वेतनभोगी रोजगार में वृद्धि: ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित वेतन और वेतनभोगी रोजगार 14.8% से बढ़कर 15.5% हो गया।
  • ग्रामीण स्वरोजगार में गिरावट: ग्रामीण क्षेत्रों में स्व-नियोजित श्रमिकों की हिस्सेदारी 63.2% से घटकर 62.5% हो गई।
  • कृषि क्षेत्र से रोजगार में बदलाव: ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि आधारित रोजगार का अनुपात घटकर 55.8% हो गया, जबकि पहले यह 58.5% था।
  • द्वितीयक एवं तृतीयक क्षेत्रों में वृद्धि: ग्रामीण क्षेत्रों में तृतीयक क्षेत्र का रोजगार बढ़कर 21.7% तथा द्वितीयक क्षेत्र का रोजगार 22.6% हो गया।
  • कुल रोजगार: जनवरी-मार्च 2026 तिमाही के दौरान 15 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के लगभग 57.4 करोड़ व्यक्ति रोजगार में संलग्न थे।

सामयिक सामान्य ज्ञान

 हाल ही में शुरू किया गया ‘सेहत’ मिशन भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) तथा किस अन्य संगठन की संयुक्त पहल है? -- भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR)
 हाल ही में जारी PLFS आंकड़ों के अनुसार, जनवरी-मार्च 2026 के दौरान भारत की शहरी बेरोजगारी दर घटकर कितने प्रतिशत हो गई?  -- 6.6%
 11 मई, 2026 को नई दिल्ली में आयोजित द्वितीय भारत‑जापान आर्थिक सुरक्षा संवाद का मुख्य उद्देश्य क्या था? -- रणनीतिक एवं उभरते क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करना
 हाल ही में, SBI ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की GDP वृद्धि दर कितनी रहने का अनुमान व्यक्त किया है?  -- 6.6%
 हाल ही में अधिसूचित VB–G RAM G अधिनियम के अंतर्गत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को प्रतिवर्ष कितने दिनों के मजदूरी आधारित रोजगार की गारंटी दी जाएगी?  -- 125 दिन

दैनिक समसामयिकी

पुराने करंट अफेयर्स देखने के लिए, कृपया नीचे तिथि चुनें