सामयिक - 16 May 2026
भारत–संयुक्त अरब अमीरात के बीच कई रणनीतिक समझौते
15 मई, 2026 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अबू धाबी यात्रा के दौरान भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच ऊर्जा, रक्षा, समुद्री अवसंरचना एवं उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में सहयोग सुदृढ़ करने हेतु कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।
मुख्य बिंदु
- UAE निवेश: संयुक्त अरब अमीरात ने भारत में बैंकिंग, अवसंरचना एवं वित्तीय क्षेत्रों में 5 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की घोषणा की।
- ऊर्जा सहयोग: इंडियन स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व्स लिमिटेड (ISPRL) एवं अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) के बीच पेट्रोलियम एवं गैस भंडार से संबंधित समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
- LPG आपूर्ति समझौता: इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) और ADNOC ने दीर्घकालिक LPG आपूर्ति व्यवस्था को अंतिम रूप दिया।
- रक्षा साझेदारी: दोनों देशों ने सामरिक रक्षा साझेदारी ढांचे (Framework for Strategic Defence Partnership) पर हस्ताक्षर किए, जिसमें समुद्री सुरक्षा, साइबर रक्षा, उन्नत प्रौद्योगिकियां एवं प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया गया।
- AI एवं प्रौद्योगिकी: भारत के सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (C-DAC) और UAE स्थित G42 के बीच भारत के AI मिशन के समर्थन हेतु 8 एक्साफ्लॉप सुपर कंप्यूट क्लस्टर स्थापित करने के लिए साझेदारी की गई।
- वर्चुअल ट्रेड कॉरिडोर: दोनों नेताओं ने मैत्री (MAITRI - मास्टर एप्लिकेशन फॉर इंटरनेशनल ट्रेड एंड रेगुलेटरी इंटरफेस) का उपयोग करके वर्चुअल ट्रेड कॉरिडोर के क्रियान्वयन का भी स्वागत किया।
सतही कोयला/लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं की प्रोत्साहन योजना
13 मई, 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 37,500 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ “सतही कोयला/लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं को प्रोत्साहन देने की योजना” (Scheme for Promotion of Surface Coal/Lignite Gasification Projects) को स्वीकृति दी।
मुख्य बिंदु
- उद्देश्य: इसका उद्देश्य ऊर्जा सुरक्षा सुदृढ़ करना, आयात निर्भरता कम करना तथा वर्ष 2030 तक 100 मिलियन टन कोयले के गैसीकरण के लक्ष्य को प्राप्त करना है।
- लक्ष्य: योजना के अंतर्गत लगभग 75 मिलियन टन कोयला/लिग्नाइट के गैसीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
- कोयला गैसीकरण: यह प्रक्रिया कोयला अथवा लिग्नाइट को सिंथेसिस गैस [Synthesis Gas (Syngas)] में परिवर्तित करती है, जिसका उपयोग ईंधन एवं रसायनों के उत्पादन में किया जाता है।
- वित्तीय प्रोत्साहन: कंपनियों को संयंत्र एवं मशीनरी लागत का अधिकतम 20% तक प्रोत्साहन दिया जा सकेगा, जिसकी प्रति परियोजना अधिकतम सीमा 5,000 करोड़ रुपये होगी।
- निवेश संभावना: इस योजना से 2.5–3 लाख करोड़ रुपये के निवेश को प्रोत्साहन मिलने की संभावना है।
- रोजगार सृजन: कोयला उत्पादक क्षेत्रों में लगभग 50,000 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है।
- नीतिगत सुधार: कोयला गैसीकरण परियोजनाओं हेतु गैर-विनियमित क्षेत्र [Non-Regulated Sector] ढांचे के अंतर्गत कोयला लिंकेज अवधि को बढ़ाकर 30 वर्ष तक कर दिया गया है।
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‘लायन’ स्पीशीज स्पॉटलाइट कार्यक्रम
14 मई, 2026 को भारत ने गिर राष्ट्रीय उद्यान में ‘लायन’ स्पीशीज स्पॉटलाइट कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसका उद्देश्य एशियाई शेरों के संरक्षण और बिग कैट्स की सुरक्षा के लिए वैश्विक सहयोग को मजबूत करना है।
मुख्य बिंदु
- पृष्ठभूमि: यह कार्यक्रम इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस (IBCA) शिखर सम्मेलन 2026 से पूर्व आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों की श्रृंखला का एक हिस्सा है।
- IBCA शिखर सम्मेलन 2026: भारत 1-2 जून, 2026 को नई दिल्ली में प्रथम इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा।
- शिखर सम्मेलन की थीम: सम्मेलन की थीम “सेव बिग कैट्स, सेव ह्यूमैनिटी, सेव इकोसिस्टम” रखी गई है।
- बिग कैट्स प्रजातियों का संरक्षण: IBCA सात बिग कैट्स प्रजातियों - शेर, बाघ, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, चीता, जगुआर एवं प्यूमा के संरक्षण पर केंद्रित है।
- शेरों की आबादी में वृद्धि: ग्रेटर गिर परिदृश्य में एशियाई शेरों की संख्या वर्ष 2025 में बढ़कर 891 हो गई, जो वर्ष 2020 की तुलना में 32% अधिक है।
- प्रोजेक्ट लायन: भारत की ‘प्रोजेक्ट लायन’ पहल का उद्देश्य आवास पुनर्स्थापन, पारिस्थितिकीय प्रत्यास्थता एवं दीर्घकालिक शेर संरक्षण को बढ़ावा देना है।
- वैधानिक संरक्षण: एशियाई शेरों को वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची-I और CITES के परिशिष्ट-I (Appendix-I) के तहत सर्वोच्च संरक्षण प्राप्त है।
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निकोटीन पाउच के बढ़ते उपयोग के खिलाफ WHO की चेतावनी
15 मई, 2026 को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने विश्वभर की सरकारों से निकोटीन पाउच को विनियमित करने का आग्रह किया और चेतावनी दी कि युवाओं को लक्षित आक्रामक विपणन रणनीतियां नशे की प्रवृत्ति को बढ़ा रही हैं। WHO ने फ्लेवर, विज्ञापन, निकोटीन मात्रा तथा सोशल मीडिया प्रचार पर सख्त नियंत्रण की आवश्यकता बताई।
मुख्य बिंदु
- निकोटीन पाउच क्या हैं: ये छोटे निकोटीन उत्पाद होते हैं, जिन्हें होंठ के नीचे रखा जाता है और जो तंबाकू धूम्रपान के बिना निकोटीन पहुंचाते हैं।
- विपणन रणनीतियां: कंपनियां इन्फ्लुएंसर्स, सोशल मीडिया, कॉन्सर्ट, खेल प्रायोजन एवं लाइफस्टाइल ब्रांडिंग के माध्यम से निकोटीन पाउच का प्रचार कर रही हैं।
- नियामकीय शून्यता: वर्तमान में लगभग 160 देशों में निकोटीन पाउच को नियंत्रित करने हेतु कोई विशिष्ट विनियामक व्यवस्था मौजूद नहीं है।
- सुझाए गए उपाय: WHO ने निकोटीन सीमा निर्धारण, फ्लेवर प्रतिबंध, विज्ञापन निषेध तथा युवाओं की सुरक्षा हेतु कठोर नीतियों की सिफारिश की।
- उद्योग क्षेत्र का पक्ष: तंबाकू कंपनियों का तर्क है कि निकोटीन पाउच वयस्क धूम्रपानकर्ताओं के लिए सिगरेट की तुलना में कम जोखिम वाला विकल्प उपलब्ध कराते हैं।
- स्वास्थ्य संबंधी बहस: अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (U.S. FDA) सहित कुछ स्वास्थ्य एजेंसियां निकोटीन पाउच को पारंपरिक तंबाकू उत्पादों एवं वेप्स की तुलना में कम हानिकारक मानती हैं।
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वैश्विक रेत संकट पर UNEP की चेतावनी
12 मई, 2026 को संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) ने “सैंड एंड सस्टेनेबिलिटी: एन एसेंशियल रिसोर्स फॉर नेचर एंड डेवलपमेंट” शीर्षक रिपोर्ट जारी की, जिसमें चेतावनी दी गई कि शहरीकरण, जनसंख्या वृद्धि एवं अवसंरचनात्मक विस्तार के कारण वैश्विक स्तर पर बढ़ती रेत की मांग गंभीर पर्यावरणीय क्षति उत्पन्न कर रही है।
मुख्य बिंदु
- मांग में तीव्र वृद्धि: वैश्विक रेत मांग 1970 में 9.6 अरब टन से बढ़कर 2020 में लगभग 50 अरब टन तक पहुंच गई।
- मुख्य कारण: शहरीकरण, अवसंरचना विकास, शहरों की ओर बढ़ता प्रवास तथा प्रति व्यक्ति निर्मित क्षेत्र (Built-up Area) में वृद्धि रेत की मांग को बढ़ा रही है।
- आर्थिक महत्त्व: वर्ष 2024 में वैश्विक रेत बाजार का मूल्य लगभग 569.4 अरब अमेरिकी डॉलर आंका गया, जो निर्माण, पर्यटन, मत्स्यन एवं खनन क्षेत्रों को समर्थन प्रदान करता है।
- पर्यावरणीय क्षति: अत्यधिक रेत खनन से तटीय एवं नदीय अपरदन, आवास विनाश, भूजल क्षरण तथा बाढ़ जोखिम में वृद्धि जैसी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।
- स्वास्थ्य प्रभाव: सिलिका धूल के संपर्क में आने से श्रमिकों में श्वसन संबंधी रोग एवं सिलिकोसिस जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ता है।
- सुझाए गए उपाय: UNEP ने पुनर्चक्रण, सुदृढ़ निगरानी व्यवस्था तथा जैव विविधता-केंद्रित नियोजन सहित 24 उपायों का प्रस्ताव किया।
BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक 2026
15 मई, 2026 को भारत की मेजबानी में नई दिल्ली में संपन्न हुई BRICS विदेश मंत्रियों की दो दिवसीय बैठक किसी संयुक्त वक्तव्य के बिना समाप्त हो गई। इसका कारण पश्चिम एशिया की स्थिति पर कुछ सदस्य देशों के परस्पर विरोधी दृष्टिकोण रहे, जिसने साझा भाषा और सहमति को असंभव बना दिया।
मुख्य बिंदु
- गतिरोध का कारण: ईरान ने फिलिस्तीन तथा लाल सागर एवं बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य में निर्बाध नौवहन से संबंधित अनुच्छेदों का विरोध किया।
- अनुच्छेद 26 पर विवाद: विवादित अनुच्छेद में गज़ा एवं वेस्ट बैंक को फिलिस्तीनी प्राधिकरण के अधीन एकीकृत करने का समर्थन किया गया था तथा स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य के अधिकारों की पुनर्पुष्टि की गई थी।
- अनुच्छेद 29 पर मतभेद: यमन एवं लाल सागर क्षेत्र की समुद्री सुरक्षा से संबंधित भाषा को लेकर सदस्य देशों के बीच मतभेद उभरकर सामने आए।
- संयुक्त अरब अमीरात (UAE) कारक: वार्ताओं के दौरान भारत ने कथित रूप से ईरान एवं संयुक्त अरब अमीरात के बीच मतभेद कम करने का प्रयास किया।
- पश्चिम एशिया संघर्ष: इज़राइल-ईरान संघर्ष को लेकर BRICS सदस्य देशों के अलग-अलग दृष्टिकोण भी साझा भाषा पर सहमति बनने में बाधक बने।
- फिलिस्तीन पर भारत का रुख: अंतिम अध्यक्षीय वक्तव्य में भारत ने स्वतंत्र फिलिस्तीन के लिए पूर्वी यरुशलम को राजधानी मानते हुए ‘द्वि-राष्ट्र समाधान’ (Two-State Solution) के समर्थन को पुनः दोहराया।
| हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने युवाओं में बढ़ते नशे के जोखिम के कारण किस उत्पाद के विनियमन की अपील की है? -- निकोटीन पाउच |
| हाल ही में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत “सतही कोयला/लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं को प्रोत्साहन देने की योजना” के अंतर्गत लगभग कितनी मात्रा के कोयला/लिग्नाइट के गैसीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है? -- 75 मिलियन टन |
| एशियाई शेरों के संरक्षण और बिग कैट्स की सुरक्षा के लिए वैश्विक सहयोग को मजबूत करने के लिए गिर राष्ट्रीय उद्यान में किस पहल का शुभारंभ किया गया? -- ‘लायन’ स्पीशीज स्पॉटलाइट कार्यक्रम |
| हाल ही में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने पेटेंट से लेकर उत्पाद के वाणिज्यीकरण तक नवाचार जीवनचक्र को समर्थन देने हेतु कौन‑सी पहल शुरू की है? -- IP कैटलिस्ट पहल |
| हाल ही में किस संगठन द्वारा “सैंड एंड सस्टेनेबिलिटी: एन एसेंशियल रिसोर्स फॉर नेचर एंड डेवलपमेंट” शीर्षक रिपोर्ट जारी की गई? -- संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) |
| “पेटेंट से उत्पाद तक: इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी में बौद्धिक संपदा के व्यावसायीकरण को गति देना” नामक विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन हाल ही में कहाँ आयोजित किया गया? -- नई दिल्ली |
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