डीआरडीओ ने स्क्रैमजेट कम्बस्टर का सफल परीक्षण किया

  • 11 May 2026

9 मई, 2026 को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने सक्रिय रूप से शीतलित (Actively Cooled) पूर्ण-स्तरीय स्क्रैमजेट कंबस्टर (Scramjet Combustor) का दीर्घावधिक सफल ग्राउंड परीक्षण किया। यह उपलब्धि भारत के हाइपरसोनिक मिसाइल विकास कार्यक्रम में एक महत्त्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है।

मुख्य बिंदु

  • सफल दीर्घावधिक परीक्षण: DRDO ने हैदराबाद स्थित स्क्रैमजेट कनेक्ट पाइप टेस्ट (Scramjet Connect Pipe Test- SCPT) सुविधा में 1,200 सेकंड से अधिक समय तक स्क्रैमजेट कंबस्टर का सफल ग्राउंड परीक्षण किया।
  • हाइपरसोनिक प्रौद्योगिकी में बड़ी उपलब्धि: यह सफलता उन्नत हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल प्रौद्योगिकी विकसित करने की दिशा में भारत के प्रयासों को और सुदृढ़ करती है।
  • DRDL द्वारा विकसित: इस कंबस्टर का डिजाइन एवं विकास रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला (DRDL) ने भारतीय उद्योग साझेदारों के सहयोग से किया।
  • पूर्व परीक्षण से बेहतर प्रदर्शन: यह नवीनतम परीक्षण जनवरी 2026 में किए गए 700 सेकंड के सफल परीक्षण से भी अधिक उन्नत रहा।
  • उन्नत स्क्रैमजेट प्रौद्योगिकी: इंजन में स्वदेशी रूप से विकसित तरल हाइड्रोकार्बन एंडोथर्मिक ईंधन तथा उच्च तापमान सहन करने वाली थर्मल बैरियर कोटिंग्स का उपयोग किया गया।
  • शीतलन प्रणाली का सत्यापन: इस परीक्षण ने उन्नत सक्रिय-शीतलित स्क्रैमजेट कंबस्टर की डिजाइन एवं प्रदर्शन क्षमता को प्रमाणित किया।
  • SCPT सुविधा की क्षमता सिद्ध: इस परीक्षण ने भारत की अत्याधुनिक स्क्रैमजेट कनेक्ट पाइप टेस्ट सुविधा की तकनीकी क्षमता का भी प्रदर्शन किया।
  • वैश्विक रणनीतिक महत्त्व: इस सफल परीक्षण के साथ भारत उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है, जो उन्नत हाइपरसोनिक एयरोस्पेस प्रौद्योगिकियों का विकास कर रहे हैं।
  • हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल कार्यक्रम को बल: यह प्रौद्योगिकी भारत के भावी हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल विकास कार्यक्रम की एक महत्त्वपूर्ण आधारशिला मानी जा रही है।