जिला एवं अधीनस्थ न्यायालयों के अवसंरचना विकास हेतु निधि जारी

  • 14 May 2026

13 मई 2026 को, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने ‘जिला और अधीनस्थ न्यायालयों के लिए बुनियादी सुविधाओं के विकास की केंद्र प्रायोजित योजना’ (Centrally Sponsored Scheme for Development of Infrastructure Facilities for District and Subordinate Courts) के तहत ₹401.50 करोड़ की पहली किस्त जारी की।

मुख्य बिंदु

  • योजना का उद्देश्य:
    • जिला और अधीनस्थ न्यायालयों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना।
    • न्याय वितरण की पहुंच और दक्षता में सुधार करना।
  • योजना की स्थिति:
    • योजना की वर्तमान अवधि 31 मार्च, 2026 को समाप्त हो गई थी।
    • योजना को 2030-31 तक बढ़ाने का प्रस्ताव विचाराधीन है।
    • 30 सितंबर, 2026 तक अस्थायी विस्तार दिया गया है।
  • नया प्रस्तावित घटक:
    • योजना के तहत "मुवक्किलों (Litigants) के लिए वेटिंग हॉल" का प्रस्ताव है।
    • इसका उद्देश्य अदालतों में नागरिक सुविधाओं में सुधार करना है।
  • न्यायिक अवसंरचना सलाहकार समिति:
    • भारत के मुख्य न्यायाधीश द्वारा 12 मई, 2026 को न्यायिक अवसंरचना सलाहकार समिति का गठन किया गया।
    • इसका उद्देश्य एकीकृत न्यायिक अवसंरचना तंत्र विकसित करना है।
  • योजना के तहत प्रगति:
    • योजना की शुरुआत (1993–94) से अब तक ₹12,844.72 करोड़ जारी किए जा चुके हैं।
    • कुल राशि का 73% से अधिक हिस्सा पिछले 12 वर्षों में जारी किया गया।
  • बुनियादी ढांचे की उपलब्धियां:
    • 6,345 कोर्ट हॉल बनाए गए हैं।
    • 4,023 आवासीय इकाइयां पूरी हो चुकी हैं।
    • इसके अतिरिक्त हजारों परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं।