सामयिक खबरें
सामयिक खबरें
सामयिक खबरें
राष्ट्रीय
- राजनीति और प्रशासन
- अवसंरचना
- आंतरिक सुरक्षा
- आदिवासियों से संबंधित मुद्दे
- कमजोर वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएँ
- कार्यकारी और न्यायपालिका
- कार्यक्रम और योजनाएँ
- कृषि
- गरीबी और भूख
- जैवविविधता संरक्षण
- पर्यावरण
- पर्यावरण प्रदूषण, गिरावट और जलवायु परिवर्तन
- पारदर्शिता और जवाबदेही
- बैंकिंग व वित्त
- भारत को प्रभावित करने वाले द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह
- भारतीय अर्थव्यवस्था
- रक्षा और सुरक्षा
- राजव्यवस्था और शासन
- राजव्यवस्था और शासन
- रैंकिंग, रिपोर्ट, सर्वेक्षण और सूचकांक
- विज्ञान और प्रौद्योगिकी
- शिक्षा
- सरकार की नीतियां और हस्तक्षेप
- सांविधिक, विनियामक और अर्ध-न्यायिक निकाय
- स्वास्थ्य से संबंधित मुद्दे
राष्ट्रीय चिकित्सा उपकरण नीति 2022 मसौदा
- 28 Mar 2022
रसायन और उर्वरक मंत्रालय के फार्मास्युटिकल विभाग ने 12 मार्च, 2022 को परामर्श के लिए 'राष्ट्रीय चिकित्सा उपकरण नीति 2022 मसौदा' पर दृष्टिकोण पत्र जारी किया।

(Image Source: https://www.dtnext.in/)
उद्देश्य: चिकित्सा उपकरणों की सुलभता, खर्च वहनीयता, सुरक्षा और गुणवत्ता के मुख्य उद्देश्यों को पूरा करना और स्व-स्थायित्व, नवाचार एवं वृद्धि पर ध्यान केंद्रित करना।
मुख्य विशेषताएं: निजी क्षेत्र के निवेश के साथ स्थानीय विनिर्माण इकोसिस्टम के विकास को प्रोत्साहित करने के लिए वित्तीय और वित्तीय सहायता के माध्यम से प्रतिस्पर्धात्मकता का निर्माण।
- टैक्स रिफंड और छूट के माध्यम से कोर प्रौद्योगिकी परियोजनाओं और निर्यात को प्रोत्साहित करना।
- उपभोक्ताओं को सुरक्षित उपकरण उपलब्ध कराने के लिए गुणवत्ता मानकों और उपकरणों की सुरक्षा।
- चिकित्सा उपकरणों के लाइसेंस के लिए एकल खिड़की निकासी प्रणाली।
- महत्वपूर्ण आपूर्तिकर्ताओं की पहचान करना, स्थानीय रूप से उत्पादित सामग्री को बढ़ावा देना तथा विभिन्न उद्योगों के बीच सहयोग को प्रोत्साहित करना।
- अनुसंधान और विकास में चिकित्सा प्रौद्योगिकी कंपनियों की हिस्सेदारी बढ़ाकर लगभग 50% करना।
- इस नीति की परिकल्पना है कि 2047 तक -
- भारत में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (NIPERs) की तर्ज पर कुछ राष्ट्रीय चिकित्सा उपकरण शिक्षा और अनुसंधान संस्थान (NIMERs) होंगे।
- भारत मेडटेक में 25 सर्वोत्तम फ्यूचरिस्टिक तकनीकों का केंद्र और जननी होगा।
- देश में 10-12% की वैश्विक बाजार हिस्सेदारी के साथ 100-300 अरब डॉलर के आकार का मेडटेक उद्योग होगा।
अन्य तथ्य: चिकित्सा उपकरणों के सनराइज सेक्टर 'मेडटेक सेक्टर' के 2025 तक बाजार के आकार में मौजूदा 11 अरब डॉलर से बढ़कर 50 अरब डॉलर होने की संभावना है।


