सामयिक - 03 June 2026
‘रुद्र एम-II’ मिसाइल का सफल परीक्षण
2 जून, 2026 को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) तथा भारतीय वायु सेना (IAF) ने स्वदेशी ‘रुद्र एम-II’ (RudraM-II) वायु-से-सतह पर मार करने वाली मिसाइल का हवाई प्लेटफॉर्म से सफल उड़ान-परीक्षण किया। इस परीक्षण के माध्यम से अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिचालन परिस्थितियों में मिसाइल की क्षमता और विश्वसनीयता का सफल सत्यापन किया गया।
मुख्य बिंदु
- मिसाइल का प्रकार: रुद्र एम-II पूरी तरह से भारत में निर्मित (स्वदेशी) हवा से सतह पर मार करने वाली मिसाइल है, जिसे दुश्मन के उच्च मूल्य वाले लक्ष्यों पर सटीक निशाना साधने के लिए डिजाइन किया गया है।
- सटीक निशाना: हवा से दागे जाने के बाद, मिसाइल ने पहले से निर्धारित लक्ष्य पर बेहद सटीकता के साथ हमला किया और मिशन के सभी उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया।
- परीक्षण का सत्यापन: ओडिशा के चांदीपुर में स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (ITR) द्वारा तैनात किए गए विभिन्न ट्रैकिंग उपकरणों और यंत्रों के माध्यम से एकत्र किए गए उड़ान डेटा ने मिसाइल के सफल प्रदर्शन की पुष्टि की है।
- प्रमुख विकास एजेंसी: इस मिसाइल को हैदराबाद स्थित रिसर्च सेंटर इमारत (RCI) द्वारा डीआरडीओ की अन्य सहयोगी प्रयोगशालाओं के साथ मिलकर विकसित किया गया है।
- सहयोगी प्रयोगशालाएं: इस परियोजना में रक्षा अनुसंधान और विकास प्रयोगशाला (DRDL), उच्च ऊर्जा सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला (HEMRL) तथा आयुध अनुसंधान एवं विकास स्थापना (ARDE) जैसी संस्थाएं शामिल रहीं।
प्रधानमंत्री रिसर्च चेयर (PMRC) योजना 2026
2 जून, 2026 को शिक्षा मंत्रालय ने ‘प्रधानमंत्री रिसर्च चेयर (PMRC) योजना 2026’ के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य दुनिया भर से भारतीय मूल के प्रतिष्ठित शोधकर्ताओं और पेशेवरों को आकर्षित करना है ताकि भारत के अनुसंधान और नवाचार पारिस्थितिक तंत्र को और मजबूत किया जा सके।
मुख्य बिंदु
- योजना का उद्देश्य: यह योजना वैश्विक स्तर पर मौजूद भारतीय प्रतिभाओं को भारत के प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों, अनुसंधान केंद्रों और राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं से जोड़ने का प्रयास करती है।
- लक्षित लाभार्थी: इसके लिए विदेशों में काम कर रहे भारतीय नागरिक, ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्डधारक और उल्लेखनीय अनुसंधान उपलब्धियों वाले भारतीय मूल के व्यक्ति (PIOs) आवेदन करने के पात्र हैं।
- प्राथमिकता वाले क्षेत्र: यह योजना 13 रणनीतिक क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करती है, जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर्स, बायोटेक्नोलॉजी, साइबर सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा, अंतरिक्ष, रक्षा, जलवायु परिवर्तन, उन्नत सामग्री (Advanced Materials), संचार, विनिर्माण, कृषि, ब्लू इकोनॉमी और परमाणु ऊर्जा शामिल हैं।
- फेलोशिप की तीन श्रेणियां: 1. यंग रिसर्च फेलो, 2. सीनियर रिसर्च फेलो एवं 3. रिसर्च चेयर।
- पात्र मेजबान संस्थान: राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) में उच्च रैंक प्राप्त संस्थान तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST), जैव-प्रौद्योगिकी विभाग (DBT), भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) और वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) के अंतर्गत आने वाले अनुसंधान संगठन इस योजना में भाग लेने के पात्र होंगे।
सरकार ने थोक मूल्य सूचकांक (WPI) का आधार वर्ष संशोधित किया
हाल ही में केंद्र सरकार ने थोक मूल्य सूचकांक (WPI) के आधार वर्ष (Base Year) को 2011-12 से बदलकर 2022-23 करने की मंजूरी दे दी। साथ ही, भारत की मूल्य मापन प्रणाली को अधिक आधुनिक और व्यापक बनाने के लिए उत्पादक मूल्य सूचकांकों (Producer Price Indices-PPI) की शुरुआत की घोषणा भी की गई।
मुख्य बिंदु
- आधार वर्ष में संशोधन: WPI के आधार वर्ष में परिवर्तन इसलिए किया गया है, ताकि यह वर्तमान आर्थिक संरचना और बाजार परिस्थितियों को अधिक यथार्थ रूप से प्रतिबिंबित कर सके।
- नए सूचकांकों की शुरुआत: सरकार आउटपुट प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (OPPI), ट्रायल इनपुट प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (IPPI) तथा सेवा उत्पादक मूल्य सूचकांक (Service PPI) जारी करेगी।
- जारी करने वाली संस्था: इन सूचकांकों को उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के अंतर्गत कार्यरत आर्थिक सलाहकार कार्यालय (Office of Economic Adviser) द्वारा जारी किया जाएगा।
- अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप: PPI प्रणाली की ओर यह परिवर्तन भारत के सांख्यिकीय ढांचे को अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं तथा अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की सिफारिशों के अनुरूप बनाता है।
- विस्तारित कवरेज: WPI में शामिल वस्तुओं की संख्या 697 से बढ़ाकर 957 कर दी गई है, जिससे अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों का अधिक व्यापक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होगा।
सुप्रीम कोर्ट: विवाहित बेटियां भी अनुकंपा नियुक्ति की पात्र
2 जून, 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए कहा कि विवाहित पुत्रियों को अनुकंपा नियुक्ति (Compassionate Appointment) से वंचित नहीं किया जा सकता। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि केवल वैवाहिक स्थिति के आधार पर पुत्रियों को इस लाभ से बाहर रखना मनमाना, भेदभावपूर्ण और असंवैधानिक है।
मुख्य बिंदु
- सुप्रीम कोर्ट का फैसला: न्यायालय की पीठ ने कहा कि अनुकंपा नियुक्ति के लिए “परिवार” की परिभाषा से विवाहित पुत्रियों को बाहर रखना संविधान की भावना के अनुरूप नहीं है और इसे न्यायसंगत नहीं ठहराया जा सकता।
- क्या होती है अनुकंपा नियुक्ति?
- यह एक ऐसी व्यवस्था है, जिसके अंतर्गत किसी सरकारी कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु हो जाने अथवा चिकित्सकीय आधार पर सेवा से अक्षम घोषित होने की स्थिति में उसके आश्रित परिवार के सदस्य को रोजगार प्रदान किया जाता है।
- इसका मुख्य उद्देश्य पीड़ित और शोक संतप्त परिवार को तत्काल वित्तीय राहत प्रदान करना है।
- न्यायालय की टिप्पणी: सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि कोई पुत्री परिवार पर आश्रित है अथवा परिवार के सदस्य के रूप में उसका वैध दावा है, तो केवल उसके विवाहित होने के आधार पर उसे लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता।
- संवैधानिक आधार: यह ऐतिहासिक निर्णय भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) और अनुच्छेद 15 (भेदभाव का निषेध) के तहत समानता और गैर-भेदभाव के सिद्धांतों को और मजबूत करता है।
- महत्व: यह फैसला लैंगिक न्याय को बढ़ावा देता है और यह सुनिश्चित करता है कि कल्याणकारी व रोजगार संबंधी योजनाओं में बेटियों के साथ उनकी वैवाहिक स्थिति के भेदभाव के बिना समान व्यवहार किया जाए।
सुप्रीम कोर्ट: अगस्त्यमलाई में अतिक्रमण हटाने का निर्देश
29 मई, 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने पारिस्थितिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील ‘अगस्त्यमलाई परिदृश्य’ में किए गए अतिक्रमणों और अवैध निर्माणों को तत्काल हटाने का निर्देश देते हुए कहा कि वनों, वन्यजीवों और नाजुक पारिस्थितिक तंत्रों की रक्षा करना एक संवैधानिक दायित्व है।
मुख्य बिंदु
- अतिक्रमण हटाने की कार्ययोजना: संबंधित राज्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर अतिक्रमण हटाने की विस्तृत योजना तैयार करने का निर्देश दिया गया है। इसमें स्पष्ट समय-निर्धारण, जिम्मेदारियां, पुनर्वास उपाय तथा पारिस्थितिक पुनर्स्थापन (Ecological Restoration) के प्रावधान शामिल होंगे।
- अवैध संरचनाओं पर कार्रवाई: वन क्षेत्रों में संचालित सभी अवैध रिसॉर्ट, पर्यटन सुविधाएं, वाणिज्यिक प्रतिष्ठान तथा अनधिकृत अवसंरचनाओं को बंद कर उन्हें ध्वस्त किया जाएगा।
- सरकारी बुनियादी ढांचा: वन क्षेत्रों के भीतर बने अनधिकृत सरकारी कार्यालयों, सुविधाओं और ढांचों को 6 महीने के भीतर किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित या हटाया जाना अनिवार्य होगा।
- अधिकारियों पर कार्रवाई: सुप्रीम कोर्ट ने उन अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक, दंडात्मक और आपराधिक कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया है, जिन्होंने संरक्षित वनों में इन अवैध निर्माणों को मंजूरी दी या उन्हें बढ़ावा दिया।
| हाल ही में सरकार ने थोक मूल्य सूचकांक (WPI) का आधार वर्ष 2011‑12 से बदलकर किस नए आधार वर्ष में संशोधित किया? -- 2022-23 |
| विश्वभर के भारतीय मूल के प्रतिष्ठित शोधकर्ताओं को आकर्षित करने के लिए शिक्षा मंत्रालय द्वारा हाल ही में कौन-सी योजना प्रारंभ की गई? -- प्रधानमंत्री रिसर्च चेयर (PMRC) योजना 2026 |
| हाल ही में सीबीएसई का नया सचिव किसे नियुक्त किया गया? -- वरुण भारद्वाज |
| हाल ही में ऑन‑स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली विवाद के बीच CBSE के नए अध्यक्ष के रूप में किसे नियुक्त किया गया? -- लोखंडे प्रशांत सीताराम |
| हाल ही में केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री तथा असम के मुख्यमंत्री द्वारा असम के मूगा रेशम के लिए कौन-सा मिशन प्रारंभ किया गया? -- मिशन स्नेहजोरी |
| Recently, which scheme was launched by the Ministry of Education to attract distinguished Indian-origin researchers from across the world? -- Prime Minister Research Chair (PMRC) Scheme 2026 |
| Recently, who was appointed as the new Secretary of CBSE? -- Varun Bhardwaj |
| Recently, who was appointed as the new CBSE Chairperson amid controversy over the On-Screen Marking (OSM) system? -- Lokhande Prashant Sitaram |
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