FY26 तक भारत का GCC इकोसिस्टम $98.4 अरब पहुंचने का अनुमान
- 07 May 2026
6 मई, 2026 को नैसकॉम (Nasscom) और ज़िनोव (Zinnov) द्वारा जारी एक संयुक्त रिपोर्ट के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल परिवर्तन को तेज़ी से अपनाने के कारण भारत का ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) इकोसिस्टम वित्त वर्ष 2026 के अंत तक 98.4 बिलियन डॉलर के मार्केट रेवेन्यू तक पहुँचने की संभावना है।
मुख्य बिंदु
- व्यापक उपस्थिति: वर्तमान में भारत में 2,117 GCC मौजूद हैं, जो पूरे देश में 3,728 इकाइयों (units) के माध्यम से काम कर रहे हैं।
- रोज़गार सृजन: यह इकोसिस्टम लगभग 2.36 मिलियन (23.6 लाख) पेशेवरों को रोज़गार दे रहा है, जो वैश्विक नवाचार और प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में भारत की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।
- तेजी से विस्तार: वित्त वर्ष 2021 के बाद से GCC की संख्या में 32% की वृद्धि हुई है।
- वैश्विक कंपनियों की उपस्थिति: फोर्ब्स ग्लोबल 2000 सूची की लगभग 506 कंपनियों ने भारत में अपने GCC केंद्र स्थापित किए हैं।
- AI-आधारित परिवर्तन: 2021 के बाद स्थापित लगभग आधे GCC अपनी शुरुआत से ही AI-केंद्रित क्षमताओं के साथ बनाए गए थे।
- AI इकोसिस्टम का पैमाना: अब 1,200 से अधिक GCC आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग को एकीकृत कर चुके हैं, जिन्हें 2.5 लाख विशेषज्ञ पेशेवरों और 250 'सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस' (CoEs) का समर्थन प्राप्त है।
- सर्विस से इनोवेशन की ओर: GCC अब पारंपरिक सर्विस डिलीवरी केंद्रों से बदलकर रणनीतिक वैश्विक हब के रूप में विकसित हो रहे हैं, जो उत्पादों, प्लेटफॉर्मों और व्यापक उद्यम परिवर्तनों को संभाल रहे हैं।
- परिपक्वता स्तर में वृद्धि: वर्तमान में लगभग 50% GCC उच्च परिपक्वता स्तर पर कार्य कर रहे हैं और 75% के अगले 5 वर्षों के भीतर पूर्ण परिवर्तन केंद्रों में बदलने की उम्मीद है।
- रीस्किलिंग पर ध्यान: संगठन केवल कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने के बजाय AI-संचालित उत्पादकता वृद्धि और कार्यबल के पुनः कौशल विकास को प्राथमिकता दे रहे हैं।
- उद्योग-अकादमिक सहयोग: 90% से अधिक प्रमुख GCC अनुसंधान और प्रतिभा विकास के लिए विश्वविद्यालयों के साथ सहयोग करते हैं, जबकि लगभग आधे GCC नवाचार पायलट प्रोजेक्ट्स के लिए स्टार्टअप्स के साथ काम कर रहे हैं।
सामयिक खबरें
सामयिक खबरें
सामयिक खबरें
राष्ट्रीय
- राजनीति और प्रशासन
- अवसंरचना
- आंतरिक सुरक्षा
- आदिवासियों से संबंधित मुद्दे
- कमजोर वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएँ
- कार्यकारी और न्यायपालिका
- कार्यक्रम और योजनाएँ
- कृषि
- गरीबी और भूख
- जैवविविधता संरक्षण
- पर्यावरण
- पर्यावरण प्रदूषण, गिरावट और जलवायु परिवर्तन
- पारदर्शिता और जवाबदेही
- बैंकिंग व वित्त
- भारत को प्रभावित करने वाले द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह
- भारतीय अर्थव्यवस्था
- रक्षा और सुरक्षा
- राजव्यवस्था और शासन
- राजव्यवस्था और शासन
- रैंकिंग, रिपोर्ट, सर्वेक्षण और सूचकांक
- विज्ञान और प्रौद्योगिकी
- शिक्षा
- सरकार की नीतियां और हस्तक्षेप
- सांविधिक, विनियामक और अर्ध-न्यायिक निकाय
- स्वास्थ्य से संबंधित मुद्दे


