क्रिटिकल मिनरल आपूर्ति शृंखला पर G7 देशों ने की चर्चा

  • 07 May 2026

6 मई, 2026 को ‘ग्रुप ऑफ सेवन’ (G7) के व्यापार मंत्रियों ने पेरिस में बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals) की आपूर्ति सुरक्षा और वैश्विक व्यापार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना था।

मुख्य बिंदु

  • प्राथमिक फोकस:
    • महत्वपूर्ण खनिजों और दुर्लभ मृदा (Rare Earth) तत्वों की सप्लाई चेन को सुरक्षित करना।
    • इन संसाधनों के लिए चीन पर अत्यधिक निर्भरता को कम करना।
  • फ्रांस का रुख: फ्रांस ने महत्वपूर्ण खनिजों को G7 के मुख्य लक्ष्य के रूप में आगे बढ़ाने पर ज़ोर दिया, ताकि एक लचीली और विविधतापूर्ण सप्लाई चेन बनाई जा सके।
  • चीन का कारक: वैश्विक स्तर पर दुर्लभ मृदा और महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति पर चीन का दबदबा है, जिससे रणनीतिक निर्भरता और औद्योगिक कमज़ोरी को लेकर G7 देशों में चिंता है।
  • चर्चा के अन्य विषय:
    • औद्योगिक ओवरकैपेसिटी (आवश्यकता से अधिक उत्पादन) के मुद्दे।
    • विश्व व्यापार संगठन (WTO) में सुधार।
    • व्यापार और रणनीतिक उद्योगों के बीच बेहतर समन्वय।
  • व्यापारिक तनाव: अमेरिका द्वारा यूरोपीय संघ (EU) में बनी कारों पर टैरिफ को 15% से बढ़ाकर 25% करने का प्रस्ताव चर्चा में रहा, जिससे G7 की एकता पर दबाव पड़ने की संभावना जताई गई।
  • आर्थिक संदर्भ: जर्मनी का ऑटो क्षेत्र वैश्विक मांग में कमी और बढ़ती लागत के कारण दबाव का सामना कर रहा है। साथ ही, 'टर्नबेरी समझौते' (Turnberry Agreement) के पालन को लेकर यूरोपीय संघ और अमेरिका के बीच व्यापारिक तनाव फिर से उभर रहे हैं।
  • रणनीतिक महत्व: महत्वपूर्ण खनिज इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs), सेमीकंडक्टर्स और हरित प्रौद्योगिकियों (green technologies) के लिए अनिवार्य हैं। संसाधन सुरक्षा को लेकर बढ़ती भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के बीच यह बैठक काफी अहम है।