भारत एवं EU की €15.2 मिलियन की ईवी बैटरी रीसाइक्लिंग पहल
- 07 May 2026
6 मई, 2026 को भारत सरकार और यूरोपीय संघ (EU) ने ‘भारत–EU व्यापार एवं प्रौद्योगिकी परिषद’ (TTC) के कार्य समूह-2 के तहत इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बैटरी पुनर्चक्रण पर तीसरे समन्वित प्रस्ताव आमंत्रण (coordinated call for proposals) की शुरुआत की।
मुख्य बिंदु
- पहल का स्वरूप:
- इस पहल का कुल मूल्य €15.2 मिलियन (लगभग ₹169 करोड़) है।
- मुख्य फोकस: इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बैटरी पुनर्चक्रण और स्वच्छ प्रौद्योगिकी।
- प्रस्ताव जमा करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर, 2026 है।
- संस्थागत ढांचा:
- इसे भारत-यूरोपीय संघ व्यापार एवं प्रौद्योगिकी परिषद (TTC) के तहत लॉन्च किया गया है।
- विशेष रूप से इसे हरित एवं स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकी संबंधी कार्य समूह-2 के तहत संचालित किया जाएगा।
- वित्त पोषण:
- यूरोपीय संघ की ओर से फंडिंग ‘होराइजन यूरोप’ (Horizon Europe) कार्यक्रम के माध्यम से दी जाएगी।
- भारत की ओर से इसे भारी उद्योग मंत्रालय द्वारा समर्थित किया जाएगा।
- मुख्य उद्देश्य:
- महत्वपूर्ण कच्चे माल (Critical Raw Materials) की आपूर्ति सुरक्षित करना।
- सर्कुलर इकोनॉमी की ओर बदलाव को बढ़ावा देना।
- भारत-यूरोपीय संघ हरित प्रौद्योगिकी सहयोग को मज़बूत करना।
- तकनीकी फोकस:
- उन्नत रीसाइक्लिंग तकनीकें।
- उच्च दक्षता वाली सामग्री पुनर्प्राप्ति (Recovery) प्रणालियाँ।
- बैटरी संग्रह के लिए सुरक्षित और डिजिटल तंत्र।
- पायलट इंफ्रास्ट्रक्चर:
- भारत में एक संयुक्त भारत-यूरोपीय संघ पायलट लाइन स्थापित की जाएगी।
- यह औद्योगिक स्तर पर सत्यापन (Validation) और तैनाती में मदद करेगी।
- प्राथमिकता वाले क्षेत्र:
- लिथियम, कोबाल्ट और ग्रेफाइट की रिकवरी।
- विभिन्न बैटरी रसायनों (battery chemistry) के प्रबंधन की क्षमता।
- बैटरी का दोबारा उपयोग और सुरक्षा प्रणालियाँ।
- समग्र महत्व:
- यह भारत-यूरोपीय संघ रणनीतिक प्रौद्योगिकी साझेदारी को मज़बूत करता है।
- सतत ईवी इकोसिस्टम के विकास में सहायक।
- महत्वपूर्ण खनिज रीसाइक्लिंग और जलवायु लक्ष्यों को बढ़ावा देता है।
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