नवीन पौध प्रजाति ‘सायफोस्टेमा अन्नामलाई’ की खोज

  • 08 May 2026

मई 2026 में अन्नामलाई विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने तमिलनाडु के दक्षिणी पूर्वी घाट क्षेत्र में एक नई पादप प्रजाति की खोज की घोषणा की। नई खोजी गई प्रजाति ‘सायफोस्टेमा अन्नामलाई’ (Cyphostemma annamalaii), अंगूर परिवार (Vitaceae) से संबंधित है।

मुख्य बिंदु

  • खोज का स्थान: यह प्रजाति तमिलनाडु के विल्लुपुरम जिले में स्थित संजीवी पहाड़ी (दक्षिणी पूर्वी घाट) पर पाई गई है।
  • विशिष्ट शारीरिक संरचना: अन्य संबंधित प्रजातियों के विपरीत, इस पौधे (लता) में गोल पीले फल और सफेद या पीले रंग की पंखुड़ियाँ होती हैं। इसके विकास के सभी चरणों में लगातार तीन पत्तियां बनी रहती हैं।
  • तुलना: इसकी सहयोगी प्रजाति 'सायफोस्टेम्मा सेटोसम' (C. setosum) इससे भिन्न है क्योंकि उसमें लाल अंडाकार फल होते हैं और विकास के साथ पत्तियां एक से तीन में बदलती हैं।
  • औषधीय महत्व: नई प्रजाति के संभावित औषधीय गुणों का विश्लेषण करने के लिए प्रारंभिक पादप रासायनिक अध्ययन (Phytochemical Studies) किए जा रहे हैं।
  • प्राकृतिक आवास: यह पौधा लगभग 86 मीटर की ऊंचाई पर उष्णकटिबंधीय शुष्क जंगलों और झाड़ियों वाली वनस्पतियों में उगता है।
  • जैव विविधता: संजीवी पहाड़ी पारिस्थितिक तंत्र में किंग कोबरा, साही, तितलियां, गरुड़ तथा औषधीय पौधों सहित विविध जीव-जंतु एवं वनस्पतियां पाई जाती हैं।
  • सांस्कृतिक महत्व: इस पहाड़ी पर पेरुमल और शिव को समर्पित प्राचीन गुफा मंदिर भी हैं, जो इसे पारिस्थितिक और सांस्कृतिक दोनों रूप से महत्वपूर्ण बनाते हैं।
  • हर्बेरियम प्रलेखन: इसके नमूने तिरुचि के सेंट जोसेफ कॉलेज और कोयंबटूर में भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण (BSI) में सुरक्षित रखे गए हैं।