नीति आयोग ने स्कूली शिक्षा के लिए जारी किया पॉलिसी रोडमैप
- 08 May 2026
6 मई, 2026 को नीति आयोग ने “भारत में स्कूली शिक्षा प्रणाली: गुणवत्ता संवर्धन के लिए कालिक विश्लेषण और नीतिगत रोडमैप” शीर्षक से एक रिपोर्ट जारी की। इसमें भारत की स्कूली शिक्षा प्रणाली में गुणवत्ता, समानता और अधिगम परिणामों में सुधारों की रूपरेखा दी गई है।
मुख्य बिंदु
- व्यापक शिक्षा रिपोर्ट: यह रिपोर्ट नामांकन, बुनियादी ढांचे, समावेशन, शासन और अधिगम परिणामों को कवर करते हुए भारत की स्कूली शिक्षा प्रणाली का एक दशक लंबा मूल्यांकन प्रस्तुत करती है।
- दुनिया की सबसे बड़ी स्कूली प्रणाली: भारत में वर्तमान में 14.71 लाख स्कूल हैं, जिनमें 24.69 करोड़ से अधिक छात्र पढ़ रहे हैं, जो इसे दुनिया की सबसे बड़ी स्कूली शिक्षा प्रणाली बनाता है।
- डेटा के स्रोत: यह विश्लेषण UDISE+ 2024-25, परख (PARAKH) राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024, NAS (2017 और 2021) और ASER 2024 के आंकड़ों पर आधारित है।
- बुनियादी ढांचे में सुधार: रिपोर्ट में बिजली की पहुंच, स्वच्छता सुविधाओं, इंटरनेट कनेक्टिविटी, कंप्यूटर और स्मार्ट क्लासरूम के क्षेत्र में बड़ी प्रगति पर प्रकाश डाला गया है।
- समानता और समावेशन: लड़कियों की भागीदारी और अनुसूचित जाति (SC) व अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्रों के नामांकन में सुधार दर्ज किया गया है।
- महामारी के बाद रिकवरी: कोविड-19 के व्यवधानों के बाद मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता (FLN) के परिणामों में सुधार देखा गया है। इसे NIPUN भारत मिशन और समग्र शिक्षा अभियान जैसी पहलों से समर्थन मिला है।
- चुनौतियां और सिफारिशें: रिपोर्ट में 11 प्रमुख चुनौतियों की पहचान की गई है और उनके समाधान के लिए 13 सुधार सिफारिशें दी गई हैं।
- मुख्य सुधार क्षेत्र: इनमें समग्र स्कूल सुधार, शासन को मज़बूत करना, शिक्षक विकास, डिजिटल शिक्षण का विस्तार और AI-आधारित शिक्षण नवाचार शामिल हैं।
- कार्यान्वयन ढांचा: रोडमैप में अल्पकालिक, मध्यम और दीर्घकालिक समयसीमा के तहत 33 कार्यान्वयन मार्ग (pathways) प्रस्तावित किए गए हैं।
- निगरानी: सुधारों की प्रगति को ट्रैक करने के लिए 125 से अधिक मापने योग्य संकेतकों का सुझाव दिया गया है।
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