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एमएसएमई सतत (जेडईडी) प्रमाणन योजना


केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री नारायण राणे ने 28 अप्रैल, 2022 को 'एमएसएमई सतत (जेडईडी) प्रमाणन योजना' (MSME Sustainable (ZED) Certification Scheme) का शुभारंभ किया।

महत्वपूर्ण तथ्य: यह योजना एमएसएमई को शून्य दोष शून्य प्रभाव (Zero Defect Zero Effect: ZED) प्रथाओं को अपनाने और उन्हें एमएसएमई चैम्पियन बनने के लिए प्रोत्साहित करते हुए ZED प्रमाणन के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित करने के लिए एक व्यापक अभियान है।

  • ZED प्रमाणन हासिल करके एमएसएमई काफी हद तक अपव्यय को कम कर सकते हैं, उत्पादकता बढ़ा सकते हैं, पर्यावरण जागरूकता बढ़ा सकते हैं, ऊर्जा बचा सकते हैं, प्राकृतिक संसाधनों का इष्टतम उपयोग कर सकते हैं और अपने बाजारों का विस्तार कर सकते हैं।
  • योजना के तहत, एमएसएमई को ZED प्रमाणीकरण की लागत पर इस संरचना के अनुसार सब्सिडी मिलेगी- सूक्ष्म उद्यम को 80%; लघु उद्यम को 60%; और मध्यम उद्यम को 50%।
  • महिला/एससी/एसटी द्वारा चलाए जा रहे एमएसएमई या पूर्वोत्तर/हिमालयी क्षेत्र/वामपंथी उग्रवाद क्षेत्र/द्वीप क्षेत्रों/आकांक्षी जिलों में चल रहे एमएसएमई को 10% की अतिरिक्त छूट मिलेगी।
  • उपरोक्त के अलावा, ऐसे एमएसएमई के लिए 5% की अतिरिक्त छूट होगी, जो मंत्रालय के एसएफयूआरटीआई (SFURTI) कार्यक्रम या सूक्ष्म और लघु उद्यम - क्लस्टर विकास कार्यक्रम (MSE-CDP) का भी हिस्सा हैं।